शुल्क बढ़ाने के विरोध में दुकानदारों का प्रदर्शन, ठेका निरस्त कर निगम से सीधे वसूली कराने की मांग, ठेकेदारी व्यवस्था पर उठाए सवाल
बरेली : शहर की एलन क्लब सब्जी मंडी में मंगलवार को ठेके और शुल्क वसूली को लेकर विवाद गहरा गया। मंडी में ठेकेदार की ओर से ताला लगाए जाने से नाराज फल और सब्जी विक्रेता नगर निगम पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन किया।दुकानदारों ने ठेका निरस्त करने तथा ठेकेदार के बजाय नगर निगम की ओर से सीधे शुल्क वसूली कराने की मांग उठाई।मंगलवार 22 सितंबर को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक दुकानदारों का आरोप है कि पहले जहां उनसे प्रतिदिन 160 रुपये शुल्क लिया जाता था, वहीं अब 200 से 250 रुपये तक की मांग की जा रही है।
मंडी में ताला लगने से बढ़ा विवाद
दुकानदारों के मुताबिक मंगलवार सुबह एलन क्लब सब्जी मंडी में ठेकेदार अब्दुल मुस्तफा की ओर से ताला लगा दिया गया। मंडी में सब्जी लेकर पहुंचे दुकानदारों को इससे परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बाद बड़ी संख्या में दुकानदार नगर निगम पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए विरोध जताया। दुकानदारों का आरोप है कि शुल्क को लेकर पहले से विवाद चल रहा था और अब निर्धारित शुल्क से अधिक रकम की मांग की जा रही है। इसी के विरोध में उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रखी।
160 रुपये से 250 रुपये तक शुल्क मांगने का आरोप
एलन क्लब सब्जी मंडी में फड़ लगाने वाले दुकानदारों का कहना है कि उनसे अब तक रोजाना करीब 160 रुपये शुल्क लिया जाता था। दुकानदारों के अनुसार अब उनसे 200 से 250 रुपये प्रतिदिन तक की मांग की जा रही है। दुकानदारों का कहना है कि शुल्क में इस तरह की बढ़ोतरी से पहले ही आर्थिक दबाव झेल रहे छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। हालांकि, शुल्क की वास्तविक निर्धारित दर और ठेके की शर्तों को लेकर नगर निगम की ओर से आधिकारिक स्थिति सामने आना बाकी है।
80 लाख रुपये तक पहुंचने का दावा
दुकानदारों की ओर से नगर निगम को दिए गए मांग पत्र में ठेके की रकम को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। उनका दावा है कि वर्ष 2019-20 में करीब 18 लाख रुपये से शुरू हुआ ठेका अब बढ़कर 80 लाख रुपये तक पहुंच गया है। दुकानदारों के अनुसार जीएसटी और स्टांप शुल्क जोड़ने के बाद यह रकम एक करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंच जाती है। उनका कहना है कि ठेके की रकम बढ़ने का असर अंततः मंडी में फड़ लगाने वाले छोटे दुकानदारों पर शुल्क के रूप में पड़ रहा है।
ठेकेदारी व्यवस्था खत्म करने की मांग
दुकानदारों ने नगर निगम से मांग की है कि एलन क्लब सब्जी मंडी में ठेकेदारी व्यवस्था को खत्म कर शुल्क की वसूली सीधे नगर निगम के कर्मचारियों के माध्यम से कराई जाए। दुकानदारों का तर्क है कि इससे शुल्क वसूली में पारदर्शिता आएगी और उन्हें ठेकेदार की कथित मनमानी से राहत मिलेगी। उनका कहना है कि निगम सीधे शुल्क वसूलेगा तो राजस्व भी सीधे नगर निगम के खाते में जाएगा।
नगर निगम के बाहर दुकानदारों का विरोध
शुल्क विवाद को लेकर दुकानदारों के नगर निगम पहुंचने से मामला चर्चा में आ गया।दुकानदारों ने ठेका निरस्त करने, मनमानी वसूली पर रोक लगाने और सीधे निगम की ओर से शुल्क वसूली शुरू करने की मांग की। अब पूरे मामले में नगर निगम की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है और मंडी में लगाए गए ताले को लेकर क्या कार्रवाई होती है, इस पर दुकानदारों की नजर है। फिलहाल विवाद का केंद्र बिंदु ठेके की शर्तें, निर्धारित शुल्क और दुकानदारों से वसूली जाने वाली वास्तविक रकम है। नगर निगम और ठेकेदार का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
