बदायूं में पुलिस हिरासत में दलित युवक की मौत, परिजनों ने लगाया रातभर मारपीट का आरोप
डीजे पर गाना बजाने को लेकर हुए विवाद के बाद पुलिस ने राजेश को लिया था हिरासत में, परिजनों ने लगाया प्रताड़ना का आरोप, एसएसपी ने कहा- कार्डियक अरेस्ट से हुई मौत
बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं में पुलिस हिरासत के दौरान एक दलित युवक की मौत के बाद हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान करीब 40 वर्षीय राजेश के रूप में हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने थाने में राजेश के साथ रातभर मारपीट और प्रताड़ना की, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और बाद में मौत हो गई। हालांकि बदायूं की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने हिरासत में मारपीट के आरोपों को खारिज करते हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्डियक अरेस्ट से मौत की बात कही है।
डीजे पर गाना बजाने को लेकर हुआ था विवाद
मामला दातागंज थाना क्षेत्र के अटसेना गांव का है। 28 अगस्त को गांव में एक धार्मिक अनुष्ठान के दौरान डीजे पर मनपसंद गाना बजाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों में लाठी-डंडे चलने लगे। पुलिस के अनुसार, विवाद में कई लोग घायल हुए थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले में राजेश तथा धर्मवीर को हिरासत में लेकर थाने पहुंची। बाद में धर्मवीर को छोड़ दिया गया, जबकि राजेश को हिरासत में रखा गया।
हिरासत में बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में मौत
पुलिस का कहना है कि हिरासत के दौरान राजेश की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। राजेश की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।
भाई ने लगाया रातभर मारपीट और प्रताड़ना का आरोप
मृतक के भाई वीरेश ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब राजेश को पुलिस थाने लेकर गई थी, तब वह पूरी तरह स्वस्थ था। वीरेश का आरोप है कि थाने में राजेश के साथ रातभर मारपीट की गई और उसे प्रताड़ित किया गया। परिजनों का यह भी आरोप है कि राजेश के शरीर पर पट्टी बांधकर उसे थाने में बैठाया गया था। सुबह उन्हें राजेश की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली और बाद में उसकी मौत की खबर दी गई।
पत्नी ने उठाए पुलिस हिरासत पर सवाल
राजेश की पत्नी शीतल ने भी पति की मौत पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब पुलिस उनके पति को घर से लेकर गई थी, तब वह पूरी तरह स्वस्थ थे। उन्होंने सवाल उठाया कि थाने में ऐसा क्या हुआ कि उनकी तबीयत अचानक इतनी बिगड़ गई और मौत हो गई। राजेश अपने पीछे पत्नी शीतल और चार बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां शामिल हैं। उनकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक और पारिवारिक संकट खड़ा हो गया है।
एसएसपी ने मारपीट के आरोपों को किया खारिज
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बताया कि राजेश को कार्डियक अरेस्ट आया था, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हिरासत के दौरान मारपीट या अभद्रता का कोई तथ्य सामने नहीं आया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं परिजनों के गंभीर आरोपों के बाद यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
