पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा समेत कई दलों के नेता सपा में शामिल, एसपी चीफ ने PDA को लेकर BJP पर साधा निशाना, बोले- न तानाशाही चली थी, न दानाशाही चलेगी,धर्मद्रोही गिरोह को हटाने का संकल्प
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित सदस्यता कार्यक्रम और प्रेसवार्ता के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने मतदाता सूची, स्वास्थ्य व्यवस्था, कानून -व्यवस्था और अयोध्या के मंदिर से जुड़े चोरी के मामले को लेकर सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
कई दलों के नेता सपा में शामिल
सपा के सदस्यता अभियान के दौरान पीलीभीत के पूर्व विधायक हेमराज वर्मा समेत बसपा, भाजपा और एआईएआईएम से जुड़े कई नेताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। पूर्व मंत्री रतनलाल अहिरवार, पूर्व ब्लॉक प्रमुख महेश कनौजिया, राम अवतार सैनी, नीतू मिश्रा, श्याम नारायण कोरी समेत कई नेताओं के सपा में शामिल होने की जानकारी सामने आई है।अखिलेश यादव ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि इनके आने से समाजवादी पार्टी को मजबूती मिलेगी। सदस्यता कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही सागर कसाना को सम्मानित भी किया गया।
PDA से किसी के पेट में दर्द हो रहा..
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने PDA को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि देश और प्रदेश में संकीर्ण सोच रखने वाले लोग PDA से घबराए हुए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में PDA जितना गंभीर मुद्दा है, उतना कोई दूसरा नहीं है। सपा प्रमुख ने कहा कि पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों की राजनीतिक भागीदारी को लेकर समाजवादी पार्टी लगातार आवाज उठाती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि PDA की बढ़ती स्वीकार्यता से कुछ राजनीतिक दलों में बेचैनी है।
नंदलाल निषाद के नाम पर वोट कटवाने का आरोप
मतदाता सूची को लेकर अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सुल्तानपुर के नंदलाल निषाद, जो उनके मुताबिक दस्तखत करना नहीं जानते थे, उनके नाम से कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर कराकर फॉर्म-7 भरवाया गया और वोट कटवाने की कोशिश की गई। अखिलेश ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है और मतदाता सूची से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।नंदलाल निषाद के नाम पर फॉर्म-7 के जरिए नाम हटाने का मुद्दा अखिलेश यादव पहले भी उठा चुके हैं।
न तानाशाही चली थी, न दानाशाही चलेगी
भाजपा पर हमला बोलते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा, ‘न कभी तानाशाही चली थी, न दानाशाही चलेगी।’ उनके इस बयान को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा सरकार की नीतियों पर राजनीतिक हमला माना जा रहा है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने और राजनीतिक विरोधियों को कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी जनता के मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी।
भाजपा सरकार में स्वास्थ्य विभाग ही वेंटिलेटर पर
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘ये भारतीय जनता पार्टी की सरकार में स्वास्थ्य विभाग ही वेंटिलेटर पर है।’सपा प्रमुख ने दावा किया कि प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र में डॉक्टरों के हजारों पद खाली हैं और नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ की भी बड़ी संख्या में रिक्तियां हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में उनके हवाले से डॉक्टरों के 6 हजार से अधिक और नर्सिंग-पैरामेडिकल के करीब 24 हजार पद खाली होने का दावा दर्ज है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी तथा कथित लापरवाही के कारण मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने गोरखपुर, अमेठी, आजमगढ़, बदायूं और बलिया समेत कई जिलों का जिक्र करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाए।
गंभीर बीमारी में गरीबों को मुफ्त इलाज का वादा
सपा प्रमुख ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी के भविष्य के घोषणा पत्र का संकेत भी दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में समाजवादी पार्टी अपने मैनिफेस्टो में यह व्यवस्था लाएगी कि गरीब व्यक्ति को गंभीर बीमारी होने पर इलाज के लिए कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा।अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी सत्ता में आने पर गरीबों और जरूरतमंदों के इलाज की जिम्मेदारी उठाने की दिशा में काम करेगी।
मंदिर चोरी के मामले पर भी साधा निशाना
अयोध्या में मंदिर से जुड़े चोरी के विवाद का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, ‘मंदिर में चोरी करने वाले धर्मद्रोही अधर्मी गिरोह को हटाना पड़ेगा।’ उन्होंने मंदिर से जुड़े कथित चोरी के मामले में जिम्मेदारी तय करने और कार्रवाई की मांग की। मंदिर से जुड़ी चोरी का मामला पहले भी राजनीतिक बयानबाजी का बड़ा मुद्दा रहा है।
भाजपा अब यूट्यूबर्स को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भेज रही
प्रेसवार्ता में अखिलेश यादव ने मीडिया और भाजपा के संबंधों को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब अपने यूट्यूबर्स को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भेज रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ऐसे लोगों की पहचान कर चुकी है और आगामी चुनाव में भाजपा की कथित रणनीतियों को जनता के सामने रखा जाएगा।
2027 से पहले सियासी हलचल तेज
लखनऊ में सपा के सदस्यता अभियान और अखिलेश यादव के एक के बाद एक तीखे बयानों से साफ है कि 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक तैयारियां तेज हो गई हैं। एक तरफ सपा विभिन्न दलों के नेताओं को अपने साथ जोड़ने में जुटी है, वहीं अखिलेश यादव मतदाता सूची, PDA, स्वास्थ्य व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और मंदिर से जुड़े मुद्दों के जरिए भाजपा सरकार को घेर रहे हैं।सपा अध्यक्ष के बयानों से आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में इन मुद्दों पर सियासी टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
