दो पैनकार्ड मामले में हाईकोर्ट से मिली जमानत, एमपी-एमएलए कोर्ट ने जारी किए रिहाई परवाने; जेल प्रशासन की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार
रामपुर: दो पैनकार्ड मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में हाईकोर्ट का आदेश दाखिल करने और जमानत की शर्तें पूरी करने के बाद दोनों के रिहाई परवाने जारी कर दिए गए हैं। शनिवार देर शाम तक दोनों के जेल से बाहर आने की उम्मीद जताई जा रही है। रिहाई की खबर मिलते ही रामपुर जेल के बाहर हलचल बढ़ गई है और समर्थकों की आवाजाही तेज हो गई है।
जुर्माने की आधी रकम और जमानतियों के पैसे जमा
शुक्रवार को आजम खां की ओर से 3.50 लाख रुपये और अब्दुल्ला आजम की ओर से 2.75 लाख रुपये नजारत में नकद जमा कराए गए। इसमें जुर्माने की आधी राशि और जमानतियों की रकम शामिल है। आजम खां पर पांच लाख रुपये और अब्दुल्ला आजम पर 3.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इस फैसले को आजम खां ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। गुरुवार को हाईकोर्ट ने दोनों की जमानत मंजूर करते हुए जुर्माने की आधी राशि जमा करने और 50-50 हजार रुपये के दो-दो जमानती दाखिल करने के आदेश दिए थे। शुक्रवार को हाईकोर्ट का आदेश एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में दाखिल किया गया।
कोर्ट ने जारी किए दोनों के रिहाई परवाने
आजम खां की ओर से जुर्माने की आधी राशि के रूप में 2.50 लाख रुपये और जमानतियों के लिए एक लाख रुपये जमा कराए गए। वहीं, अब्दुल्ला आजम की ओर से 1.75 लाख रुपये जुर्माने की आधी राशि और एक लाख रुपये जमानतियों के जमा किए गए। इसके बाद अदालत ने दोनों के रिहाई परवाने जारी कर दिए।
जेल के बाहर समर्थकों की आवाजाही तेज
रिहाई परवाने जारी होने के बाद अब जेल प्रशासन की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है। हालांकि, जेल प्रशासन की जांच में यदि किसी अन्य मामले में निरुद्ध होने या कोई दूसरी कानूनी अड़चन सामने आती है तो रिहाई में देरी हो सकती है। फिलहाल रामपुर जेल के बाहर समर्थकों और लोगों की आवाजाही बढ़ गई है। शनिवार देर शाम तक दोनों के बाहर आने की संभावना जताई जा रही है।
