उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति ने जारी किए दिशा-निर्देश, मेडिकल जांच में बीमारी छिपाने पर यात्रा निरस्त होने के साथ जमा राशि जब्त करने की कार्रवाई
लखनऊ/बरेली : हज-2027 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति ने चयनित हज यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग और फिटनेस प्रमाणपत्र को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अलीगढ़ जिले से चयनित यात्रियों को निर्धारित सरकारी चिकित्सा केंद्रों पर मेडिकल जांच करानी होगी। जांच के बाद प्राप्त मेडिकल स्क्रीनिंग और फिटनेस प्रमाणपत्र को 15 अक्टूबर 2026 तक हज कमेटी की वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। जिले से हज यात्रा के लिए चार सौ से अधिक लोगों ने आवेदन किया है। चयनित यात्रियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत मेडिकल जांच कराकर अपनी फिटनेस रिपोर्ट समय सीमा के भीतर जमा करनी होगी।
पहले चरण में ही करानी होगी मेडिकल जांच
उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति के कार्यपालक अधिकारी मोहम्मद तारिक की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, हज यात्रा के लिए चयनित यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग और फिटनेस जांच पहले चरण में ही कराई जानी है। मेडिकल जांच पूरी होने के बाद यात्रियों को प्राप्त प्रमाणपत्र और रिपोर्ट अपने पास सुरक्षित रखनी होगी। हज समिति के निर्देशों के अनुसार, यात्रा के दूसरे चरण में आवश्यकता पड़ने पर यात्रियों को यह रिपोर्ट प्रस्तुत करनी पड़ सकती है।
15 अक्टूबर तक प्रमाणपत्र अपलोड करना जरूरी
राज्य हज समिति ने चयनित यात्रियों के लिए मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र अपलोड करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2026 निर्धारित की है। यात्रियों को जांच के बाद प्राप्त प्रमाणपत्र को निर्धारित समय सीमा के भीतर हज कमेटी की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। जिला स्तर पर भी यात्रियों को निर्धारित समय सीमा का पालन करने की अपील की गई है, ताकि मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने में किसी तरह की परेशानी न हो।
बीमारी छिपाने पर होगी कार्रवाई
हज समिति ने यात्रियों को मेडिकल जांच के दौरान किसी भी बीमारी की जानकारी नहीं छिपाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। यात्रियों को अपनी स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारी मेडिकल टीम को सही तरीके से उपलब्ध कराने को कहा गया है। नियमों के मुताबिक, यदि कोई यात्री मेडिकल जांच में अनफिट पाया जाता है तो नियमानुसार उसकी हज यात्रा निरस्त की जाएगी। ऐसे मामले में जमा राशि वापस किए जाने का प्रावधान है। हालांकि, यदि कोई हज यात्री जानबूझकर अपनी बीमारी छिपाता है और बाद में मेडिकल जांच में अनफिट पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामले में जमा राशि जब्त किए जाने का भी प्रावधान है।
यात्रियों से बीमारी न छिपाने की अपील
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी निधि गोस्वामी ने यात्रियों से मेडिकल जांच के दौरान पूरी और सही जानकारी देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यात्री किसी भी बीमारी को न छिपाएं और मेडिकल टीम को अपने स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 15 अक्टूबर 2026 तक मेडिकल रिपोर्ट और फिटनेस प्रमाणपत्र अपलोड करना अनिवार्य है। यात्रियों से समय सीमा का ध्यान रखते हुए मेडिकल प्रक्रिया पूरी करने की अपील की गई है।
