सपा प्रमुख ने खोला ‘ECI ऑडिट’ का मोर्चा, 17 और 24 अक्टूबर को बूथों पर डटने की अपील,कई दलों के नेताओं ने थामा सपा का दामन, मेधावियों को बांटे लैपटॉप
लखनऊ : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची, विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और बैंकिंग व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के PDA प्रहरियों ने प्रदेश में अब तक 19 लाख 20 हजार 732 कथित फर्जी मतदाताओं की पहचान की है। हालांकि, यह आंकड़ा समाजवादी पार्टी का दावा है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने ‘समाजवादी ECI ऑडिट-1’ पुस्तिका जारी की। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता की कमी है और विपक्षी दलों को इस प्रक्रिया पर निगरानी रखने की जरूरत है। सपा अध्यक्ष ने पार्टी के नेताओं, सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं से 17 और 24 अक्टूबर को बूथ स्तर पर सक्रिय रहने तथा पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में जुड़वाने की अपील की।
भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत का आरोप
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव में कमजोर पड़ने पर चुनाव आयोग की आड़ लेती है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और भाजपा मिलकर देश की जनता, लोकतंत्र और संविधान को धोखा दे रहे हैं। उनके मुताबिक,मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने और पुराने नामों को हटाने की प्रक्रिया पर विशेष निगरानी रखने की जरूरत है। सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए कथित तौर पर फर्जी मतदाता जोड़े जा रहे हैं और विपक्ष के समर्थकों के नाम काटे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण मार्च, धरना और अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है। अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब पार्टी चुनाव में कमजोर होती है तो चुनाव आयोग के पीछे छिप जाती है। उन्होंने अपने बयान में कहा, “इस देश पर सबसे बड़ा संकट भारतीय जनता पार्टी है।”
19 लाख 20 हजार कथित फर्जी मतदाताओं का दावा
मतदाता सूची को लेकर अखिलेश यादव ने फॉर्म-6 के आंकड़ों का हवाला दिया। उनके मुताबिक, नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए कुल 87 लाख 56 हजार आवेदन भरे गए थे, लेकिन चुनाव आयोग ने इनमें से केवल 71 लाख 38 हजार आवेदनों की जानकारी सार्वजनिक की। उन्होंने दावा किया कि शेष 16 लाख 18 हजार आवेदनों का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया। सपा अध्यक्ष के अनुसार, पार्टी के PDA प्रहरियों ने इन आवेदनों के अलावा करीब तीन लाख अन्य संदिग्ध मतदाताओं की पहचान की है। पार्टी ने इन आंकड़ों के आधार पर कुल 19 लाख 20 हजार 732 कथित फर्जी मतदाताओं का दावा किया है।अखिलेश यादव का आरोप है कि कुछ मामलों में मतदाताओं के नाम, उम्र और रिश्तेदारों से जुड़ी जानकारी में समानता मिली है। उन्होंने चुनाव आयोग से नए मतदाताओं के आवेदनों का विवरण सार्वजनिक करने और मतदाता सूची की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
किन विधानसभा क्षेत्रों का किया जिक्र?
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कुछ विधानसभा क्षेत्रों में कथित संदिग्ध मतदाताओं की संख्या का उल्लेख भी किया। सपा के दावे के मुताबिक, लोनी में 15,150, साहिबाबाद में 13,903, महरौनी में 12,669, दादरी में 12,556, जखनियां में 12,144, छपरौली में 11,574, मोदीनगर में 10,913, फरेंदा में 10,282 और नकुड़ में 10,272 मामलों को लेकर सवाल उठाए गए। सपा अध्यक्ष ने आजमगढ़ का उदाहरण देते हुए एक ही व्यक्ति के नाम से कई मतदाता प्रविष्टियां होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची की जांच कर रहे हैं।
17 और 24 अक्टूबर को बूथों पर सक्रिय रहने की अपील
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने सपा के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि वे 17 और 24 अक्टूबर को अपने-अपने बूथों पर मौजूद रहें। उन्होंने पात्र नए मतदाताओं के नाम जुड़वाने, मतदाता सूची में दर्ज विवरणों की जांच करने और संदिग्ध दोहराव की शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने आधार कार्ड को मतदाता सूची से जोड़ने का सुझाव भी दिया। सपा अध्यक्ष का कहना है कि इससे मतदाता पहचान से संबंधित कुछ समस्याओं को दूर करने में मदद मिल सकती है।
बैंकिंग व्यवस्था पर अखिलेश यादव के 12 सवाल
मतदाता सूची के मुद्दे के साथ अखिलेश यादव ने बैंकिंग व्यवस्था को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। 15 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के पिछले 12 वर्षों में बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी आम लोगों की समस्याएं बढ़ी हैं। उन्होंने सरकार से 12 सवालों पर जवाब मांगा। सपा अध्यक्ष ने बैंकिंग सेवाओं में लगने वाले शुल्क, न्यूनतम बैलेंस की पेनल्टी, SMS और ATM चार्ज, छोटे कर्जदारों से वसूली तथा बड़े कर्जदारों को मिली राहत जैसे मुद्दे उठाए।
बैंक उपभोक्ताओं की परेशानियों को उठाया
उन्होंने सवाल किया कि छोटे कर्ज लेने वालों पर सख्ती और बड़े कर्जदारों के मामलों में कथित रियायतों को लेकर अलग-अलग रवैया क्यों दिखाई देता है। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों और पेंशन पर निर्भर लोगों को मिलने वाले ब्याज, नोटबंदी के दौरान आम लोगों को हुई परेशानियों, बैंक लॉकर की सुरक्षा और बार-बार KYC कराने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।
अखिलेश यादव ने डिजिटल बैंकिंग में ऑनलाइन धोखाधड़ी, खाते से पैसे कटने के बाद शिकायतों के निस्तारण, ग्राहक सेवा की उपलब्धता और बैंक कर्मचारियों पर बढ़ते काम के दबाव को लेकर चिंता जताई।उन्होंने यह भी पूछा कि छोटे कारोबारियों और आम नागरिकों को कर्ज लेने में कई औपचारिकताओं से गुजरना पड़ता है, जबकि बड़े कर्जदारों के मामलों में कथित अनियमितताओं की शिकायतें क्यों सामने आती हैं। सपा अध्यक्ष ने बैंक खातों के साथ बीमा या अन्य वित्तीय उत्पाद लेने के कथित दबाव और जनधन खातों से शुल्क कटने की शिकायतों का भी जिक्र किया।उनके अनुसार, बैंकिंग सेवाओं को आम जनता के लिए सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
IDBI बैंक की हिस्सेदारी बिक्री पर भी राजनीतिक बहस
बैंकिंग व्यवस्था को लेकर यह बयान ऐसे समय आया है, जब IDBI बैंक की 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार की कैबिनेट समिति ने मंजूरी दी है। सरकार ने 52,878.08 करोड़ रुपये के इस सौदे में केंद्र सरकार की 30.48 प्रतिशत और LIC की 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी शामिल है। रणनीतिक खरीदार के रूप में Fairfax Financial Holdings से जुड़ी कंपनी को मंजूरी दी गई है। इस फैसले पर भी सार्वजनिक बैंकिंग, निजी प्रबंधन और आम ग्राहकों के हितों को लेकर चर्चा हो रही है। बैंकिंग नीतियों को लेकर सपा अध्यक्ष के सवालों और IDBI बैंक की हिस्सेदारी बिक्री के बीच मुख्य बहस सार्वजनिक क्षेत्र की भूमिका, ग्राहक सेवाओं और वित्तीय संस्थानों की जवाबदेही पर केंद्रित है।
शाहजहांपुर के कटरा से लखनऊ तक साइकिल यात्रा
यूपी के शाहजहांपुर जिले के कटरा विधानसभा क्षेत्र से कौशल यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने लखनऊ तक साइकिल यात्रा की। पार्टी ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य PDA समाज को जोड़ना और पार्टी की विचारधारा का प्रचार करना था। अखिलेश यादव ने साइकिल यात्रियों को बधाई दी और उनसे पार्टी के संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय रहने की अपील की। यात्रा में सुनील यादव, रोहित यादव, मंजेश यादव, शोभित यादव, शिवनेश यादव, रजनेश यादव, शाश्वत यादव और अन्य कार्यकर्ताओं के शामिल होने की जानकारी दी गई।
भाजपा-बसपा के कई पूर्व विधायक समेत कई नेता सपा में शामिल
सपा मुख्यालय में राजनीतिक दलों से जुड़े कई नेता और पूर्व जनप्रतिनिधि पार्टी में शामिल हुए। इनमें मुरादाबाद के पूर्व भाजपा विधायक राजीव चन्ना, मेरठ के पूर्व बसपा विधायक विनय कुरानी, खुर्जा के पूर्व बसपा विधायक चंद्रपाल सिंह और अन्य नेताओं के नाम शामिल हैं। पार्टी ने बताया कि कटरा बाजार, गोंडा के ब्लॉक प्रमुख भवानी भीख शुक्ला भी अपने समर्थकों के साथ सपा में शामिल हुए। पूर्व केंद्रीय मंत्री बीपी मौर्य के पुत्र अक्षय मौर्य, बसपा के कुछ पूर्व पदाधिकारियों और अन्य नेताओं के शामिल होने का भी दावा किया गया है।अखिलेश यादव ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और PDA परिवार का विस्तार हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में सपा का जनाधार बढ़ रहा है। यह पार्टी की ओर से व्यक्त किया गया राजनीतिक आकलन है।
10 मेधावियों को दिए लैपटॉप
लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में अखिलेश यादव ने पूर्व राज्यमंत्री मांगे राम कश्यप के सौजन्य से 10 मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप दिए।लैपटॉप प्राप्त करने वालों में IIT दिल्ली की पंखुड़ी कश्यप,NEET में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मनीषा कश्यप और शिवांगी कश्यप, इंटरमीडिएट में 99 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले कामरान आलम तथा अन्य विद्यार्थी शामिल थे। सपा की ओर से इस कार्यक्रम को मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान और प्रोत्साहन से जोड़कर प्रस्तुत किया गया।
रिपोर्ट : मुहम्मद साजिद
