एत्मादपुर से ट्रैक्टरों पर सवार होकर कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे थे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोका; यूजीसी के नए नियमों को लेकर लगातार विरोध
आगरा: यूजीसी के 2026 के नियमों को लेकर आगरा में विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो रहा है। एत्मादपुर क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टरों पर सवार होकर कलेक्ट्रेट की ओर मार्च करने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग और भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी। रास्ता रोकने पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। बाद में प्रदर्शनकारियों के हाईवे तक पहुंचने और जाम लगाने की भी सूचना सामने आई है।
ट्रैक्टरों के साथ कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी
एत्मादपुर क्षेत्र के संवई गांव से प्रदर्शनकारी ट्रैक्टरों पर सवार होकर आगरा कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे थे। उनका उद्देश्य यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखना था। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई थी। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए रास्ते में बैरियर लगाए थे। 18 सितंबर को भी इसी क्षेत्र में प्रस्तावित ट्रैक्टर मार्च को रोकने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी।
रोकने पर पुलिस से हुई नोकझोंक और झड़प
प्रदर्शनकारियों को कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने से रोकने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद बढ़ गया। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे जाने की मांग पर अड़े रहे। रास्ता रोकने के लिए पुलिस ने भारी मशीनरी भी तैनात की थी। स्थिति बिगड़ने पर प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने की कार्रवाई की गई। इससे मौके पर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही।
सितंबर में कई बार सामने आया विरोध
एत्मादपुर क्षेत्र में यूजीसी के नियमों को लेकर सितंबर में कई प्रदर्शन हो चुके हैं। 1 सितंबर को भी प्रदर्शनकारियों ने एत्मादपुर में बाइक रैली निकालने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाया था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद की खबर सामने आई थी। इसके बाद 18 सितंबर को भी ट्रैक्टर मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। उस दौरान पुलिस ने रास्ता रोकने के लिए बुलडोजर लगाए थे और प्रदर्शनकारी सड़क पर धरने पर बैठ गए थे।
यूजीसी के नए नियमों को लेकर क्या है विवाद?
यूजीसी ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस) रेगुलेशंस, 2026 को 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित किया था। इन नियमों का उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव से निपटने के लिए व्यवस्था मजबूत करना था। यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी 2026 के इन नियमों को 13 जनवरी को प्रकाशित किए जाने का उल्लेख है। नियमों के कुछ प्रावधानों को लेकर याचिकाकर्ताओं ने आपत्ति जताई थी। उनका तर्क था कि जाति आधारित भेदभाव की परिभाषा में सामान्य और गैर-आरक्षित वर्ग के छात्रों के लिए पर्याप्त संरक्षण नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी को इन नियमों को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया और 2012 के नियमों को फिलहाल लागू रखने का निर्देश दिया।
प्रदर्शनकारियों की क्या है मांग?
प्रदर्शनकारी 2026 के यूजीसी नियमों को वापस लेने या उनमें बदलाव की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ भेदभाव की शिकायतों के निस्तारण को भी स्पष्ट रूप से शामिल किया जाना चाहिए। वहीं, यूजीसी के नियमों का उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव से निपटने के लिए शिकायत और निगरानी की व्यवस्था को मजबूत करना बताया गया था। नियमों की वैधता और प्रावधानों को लेकर न्यायिक प्रक्रिया भी चल रही है।
आगरा में बढ़ी पुलिस की सतर्कता
आगरा में लगातार हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए प्रशासन और पुलिस सतर्क है। 20 सितंबर को भी यूजीसी के विरोध में प्रदर्शनकारियों की गतिविधियां बढ़ने और कलेक्ट्रेट घेराव के ऐलान के बाद पुलिस-पीएसी की तैनाती बढ़ाई गई थी। प्रशासन की कोशिश प्रदर्शन को नियंत्रित रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की है, जबकि प्रदर्शनकारी यूजीसी के नियमों को लेकर अपनी मांगों पर कायम हैं।
