नई दिल्ली : पिछले दस वर्षों में दुनिया कई संक्रामक बीमारियों के प्रकोप से जूझ चुकी है। कोरोना महामारी से लेकर अन्य जूनोटिक संक्रमणों तक, इन बीमारियों ने वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली पर भारी दबाव डाला है। अब इसी बीच अमेरिका में बर्ड फ्लू वायरस एक बार फिर चिंता का कारण बना हुआ है।
ताज़ा जानकारी के अनुसार, वाशिंगटन प्रांत में बर्ड फ्लू के दुर्लभ स्ट्रेन H5N5 से पहली मौत दर्ज की गई है। इस घटना के बाद इंसानों के लिए घातक माने जाने वाले बर्ड फ्लू को लेकर डर बढ़ा है, हालांकि स्वास्थ्य अधिकारी इसे लेकर फिलहाल बहुत अधिक चिंता की जरूरत नहीं मान रहे हैं। वाशिंगटन स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ के अनुसार, मृतक व्यक्ति की उम्र अधिक थी और वह पहले से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वह पोल्ट्री के संपर्क में था और वहीं से संक्रमित हुआ। कमजोर स्वास्थ्य के कारण संक्रमण गंभीर रूप ले लिया और उसकी मौत हो गई। इससे पहले भी इस वर्ष कई देशों में बर्ड फ्लू के मामलों में तेज़ी देखी गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि यह मामला इंसानों के लिए बड़े खतरे की चेतावनी नहीं है। मृतक के संपर्क में आए लोगों की निगरानी की जा रही है और अब तक मानव-से-मानव संक्रमण के कोई संकेत नहीं मिले हैं। इसी महीने CDC ने भी कहा था कि नए स्ट्रेन्स में ऐसा कुछ नहीं पाया गया है जिससे लगे कि वे इंसानों के लिए अत्यधिक घातक हैं।
H5N5 वैरिएंट कितना खतरनाक है?
रिपोर्ट्स के अनुसार, H5N5 अब तक फैल चुके H5N1 की तुलना में कम खतरनाक माना जा रहा है। 2024–25 के बीच अमेरिका में H5N1 से करीब 70 लोग संक्रमित हुए थे और उनमें भी लक्षण बेहद हल्के थे। विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों स्ट्रेन्स में एक महत्वपूर्ण प्रोटीन का अंतर है, जिसके कारण संक्रमण और फैलाव की क्षमता प्रभावित हो सकती है। अभी इस पर शोध जारी है।
इस बीच बर्ड फ्लू के नए स्ट्रेन्स जिनमें D1.1 भी शामिल है अमेरिका में मवेशियों, मनुष्यों और हाल ही में चूहों में भी पाए गए हैं। चूहों में संक्रमण की पुष्टि ने वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इनके माध्यम से वायरस घरों में भी फैल सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार इसकी निगरानी कर रहे हैं और आगे की स्थिति को लेकर सतर्क हैं।
