बरेली : दक्षिण अफ्रीका के डरबन शहर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में बरेली के भगवान बंसल ने ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरी दुनिया उन्हें “75+ कैटेगरी का ही-मैन” कहने लगी। 75 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में हिस्सा लेते हुए भगवान बंसल ने 5 गोल्ड मेडल अपने नाम किए और दो नए विश्व रिकॉर्ड रचकर भारत का मान बढ़ाया। रामपुर गार्डन निवासी भगवान बंसल पावरलिफ्टिंग की दुनिया में अब एक जीवित किंवदंती माने जाते हैं।
इस प्रतियोगिता में उन्होंने

शानदार प्रदर्शन कर हासिल किए पांच गोल्ड
पावरलिफ्टिंग की दुनिया में भगवान बसंल का नाम काफी प्रसिद्ध हो चुका है। उन्होंने बेंच एक्विप्ड प्रेस,एक्विप्ड डेडलिफ्ट समेत पाँच विभिन्न वर्गों में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किए। उनके नाम अब तक 20 अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक और 5 विश्व रिकॉर्ड दर्ज हो चुके हैं, जो दुनिया में किसी भी खिलाड़ी के लिए एक अनोखी उपलब्धि है।
1970 में शुरू हुई थी आर्नोल्ड जैसी कहानी
भगवान बंसल की पावरलिफ्टिंग यात्रा 1970 में बिरला विद्या मंदिर, नैनीताल से शुरू हुई थी। उनके पहले कोच निर्माण मुखिया (बॉक्सर गुरुजी) थे, जिनके मार्गदर्शन को भगवान आज भी अपनी सबसे बड़ी ताकत मानते हैं। भगवान कहते हैं “मेरी हर सफलता के पीछे मुखिया जी की सीख है। दुनिया घूम चुका हूं, लेकिन उनके जैसा कोच कहीं नहीं मिला।”
शुद्ध शाकाहारी पावरलिफ्टर, ना अंडा, ना मांस!
पावरलिफ्टिंग जैसे खेल में मांसाहार को अहम माना जाता है, लेकिन भगवान बंसल पूरी तरह शुद्ध शाकाहारी हैं। उन्होंने आज तक अंडा भी नहीं खाया पिछले 55 साल से रोज़ 3 घंटे अभ्यास करते हैं। फिटनेस और अनुशासन है उनकी असली ताकत है, उनका कहना है कि “दृढ़ निश्चय और नियमित अभ्यास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।”
डरबन में रचा इतिहास-दो वर्ल्ड रिकॉर्ड टूटे
इस चैंपियनशिप में भगवान ने रॉ बेंच प्रेस, एक्विप्ड डेडलिफ्ट यानी दोनों में नए विश्व रिकॉर्ड बनाए और पहले के रिकॉर्ड तोड़ डाले। प्रतियोगिता में मौजूद अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों ने उन्हें स्टैंडिंग ओवेशन दिया।
