बरेली : यूपी के बरेली नगर निगम स्थित जन्म-मृत्यु कार्यालय से एक हैरान करने वाली घटना हुई। आरोप है कि फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने से इनकार करने पर सफाई नायक हेमंत कुमार के साथ मारपीट, धमकाने और लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया गया। पीड़ित की शिकायत पर हिस्ट्रीशीटर काशीनाथ, उसके बेटे सत्यार्थ प्रताप सिंह, भतीजे,अभिषेक भारद्वाज, अमित सहित कुल पांच नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज हुई है।
जानें कैसे शुरू हुआ मामला?
आंवला के घेर अन्नू खां निवासी हेमंत कुमार सरकारी काम से 7 नवंबर दोपहर जन्म–मृत्यु कार्यालय गए थे।
उसी समय वहां हिस्ट्रीशीटर काशीनाथ का बेटा सत्यार्थ प्रताप सिंह अपने चचेरे भाई के साथ मौजूद था। सत्यार्थ ने फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने का दबाव डाला। हेमंत के मना करते ही गाली-गलौज और धमकियों का दौर शुरू हो गया।
लोगों ने बीचबचाव कर मामला शांत कराया… लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।
फिर बुलाकर पीटा, लूटे पैसे और दस्तावेज
करीब ढाई बजे हेमंत को फोन कर बाहर बुलाया गया। जैसे ही वह कार्यालय के बाहर पहुंचे, सत्यार्थ, उसका भाई, पिता काशीनाथ, अभिषेक, अमित और कई अज्ञात लोगों ने उन पर हमला कर दिया। हेलमेट से सिर पर वार, गले की चेन गिर गई, जेब से 6,500, आधार, पैन और जरूरी दस्तावेज लूटे गए। पीड़ित के अनुसार पूरा घटनाक्रम नगर निगम के सीसीटीवी कैमरों में कैद है।
“मैं हिस्ट्रीशीटर हूँ… शिकायत की तो चौराहे पर जान से मरवा दूंगा
मारपीट के दौरान काशीनाथ अपनी हेकड़ी दिखाता रहा। कहा“मेरा नाम बरेली में किसी से पूछ लेना… मैं बड़ा हिस्ट्रीशीटर हूँ।”“शिकायत की तो किसी भी चौराहे पर जान से मरवा दूंगा।”“बेटे सत्यार्थ के पैर छूकर माफी मांग, तभी बचोगे।”हेमंत ने मजबूरी में पैर छूकर माफी मांगी, तब जाकर उसकी जान बची।
दो जन्म प्रमाणपत्र पहले ही बनवाने का दावा!
सत्यार्थ ने हेमंत से कहा-“मेरे पहले से दो जन्म प्रमाणपत्र बन चुके हैं, अब तीसरा चाहिए।”इस पर हेमंत ने नियम समझाया- “एक व्यक्ति का सिर्फ एक ही जन्म प्रमाणपत्र बन सकता है।”इसी बात पर आरोपी आगबबूला हो गए और फिर दोबारा षड्यंत्र रचकर हमला किया. कोतवाली थानाध्यक्ष सुरेश चंद्र गौतम ने बताया रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाला जा रहा है।
