मेधावी छात्र देश की नई ऊर्जा हैं- राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
बरेली : महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली में गुरुवार को आयोजित 23वां दीक्षांत समारोह उपलब्धियों और सम्मान का संगम बन गया। कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने स्नातक, परास्नातक और शोध स्तर के कुल 207 मेधावियों को स्वर्ण पदक और डिग्री प्रदान की। समारोह का मुख्य आकर्षण रहा। झारखंड के राज्यपाल और विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संतोष गंगवार को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया जाना।

“वंदे मातरम” से गूंजा अटल सभागार
दीक्षांत समारोह की शुरुआत अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में वंदे मातरम गायन से हुई। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. केपी सिंह ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट और नई शैक्षणिक उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय लगातार शोध, नवाचार और डिजिटल लर्निंग के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है।

94 मेधावियों को स्वर्ण पदक, 113 शोधार्थियों को पीएचडी डिग्री
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने करकमलों से 94 मेधावियों (70 छात्राएं और 24 छात्र) को स्वर्ण पदक तथा 113 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की।
मेधावियों के चेहरे पर सम्मान और गर्व की झलक साफ दिखाई दी। समारोह के दौरान मंच से कई बार “जय रुहेलखंड” और “वंदे मातरम” के नारे गूंजे।

संतोष गंगवार को मिला लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार को विश्वविद्यालय परिवार की ओर से ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ प्रदान किया गया।
संतोष गंगवार को यह सम्मान शिक्षा, समाजसेवा और सार्वजनिक जीवन में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा- “संतोष गंगवार इस विश्वविद्यालय के गौरव हैं। उनके जीवन और कार्यों से विद्यार्थियों को प्रेरणा लेनी चाहिए।”
आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा बने मुख्य अतिथि
मुख्य अतिथि प्रो. राजीव आहूजा (निदेशक, IIT रोपड़) ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा-“आईआईटी की सफलता के पीछे उसका एलुमनाई नेटवर्क है। आप सब पर भी जिम्मेदारी है कि विश्वविद्यालय और देश के नाम को आगे बढ़ाएं। जो आप करेंगे वही आपके व्यक्तित्व का प्रतिबिंब बनेगा।”अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने भी विद्यार्थियों को बधाई दी।

नए निर्माणों का शिलान्यास और उद्घाटन
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में कई निर्माण कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इनमें शामिल रहे डिजिटल लर्निंग हब, अंतरराष्ट्रीय छात्रावास, स्वर्ण जयंती द्वारा, प्रो. एस.बी. सिंह ऑडिटोरियम, पुरुष छात्रावास में निर्मित स्टेडियम उन्होंने कहा “इन नई परियोजनाओं से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्राप्त होंगी और यह परिसर शोध एवं नवाचार का केंद्र बनेगा।”
छात्रावासों को मिले नए नाम
समारोह में छात्रावासों के नाम बदलने की घोषणा भी की गई। मुख्य छात्रावास अब ‘अरावली छात्रावास’ नया बॉयज छात्रावास ‘नीलगिरि छात्रावास’, पीजी छात्रावास ‘मानसरोवर छात्रावास’ के नाम से जाना जाएगा। दीक्षांत समारोह का सजीव प्रसारण रुहेलखंड विश्वविद्यालय के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर किया गया। हजारों छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने ऑनलाइन जुड़कर इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बने। राज्यपाल का संदेश “शिक्षा के साथ संस्कार जरूरी” है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा- “केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं, जीवन में संस्कार और संवेदना भी उतनी ही जरूरी है। आज के विद्यार्थी भविष्य के नीति निर्माता हैं, उन्हें समाज के कमजोर वर्गों के लिए काम करना चाहिए।”

समारोह के मुख्य आकर्षण
94 स्वर्ण पदकधारी मेधावियों का सम्मान, 113 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि, संतोष गंगवार को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, डिजिटल लर्निंग हब और स्वर्ण जयंती द्वार का उद्घाटन, छात्रावासों को नए नाम अरावली, नीलगिरि मिले हैं।
