रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम ख़ान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। सीतापुर जेल से रिहा हुए उन्हें अभी एक महीना भी नहीं हुआ था कि अब रामपुर पब्लिक स्कूल की मान्यता में फर्जीवाड़ा मामले में कोर्ट ने उनके खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। इस मामले में आजम ख़ान के साथ उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और बीएसए कार्यालय के बाबू तौफीक अहमद के खिलाफ भी आरोप तय हुए हैं।
कोर्ट में पेश हुए आज़म खां और उनकी पत्नी
बुधवार को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई, जिसमें आजम ख़ान, उनकी पत्नी तजीन फात्मा और तौफीक अहमद व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। कोर्ट ने सुनवाई के बाद तीनों पर धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 471 (फर्जी दस्तावेज़ का इस्तेमाल) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत आरोप तय किए। अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 10 नवंबर निर्धारित की है।
2019 का मामला, फर्जी तरीके से मान्यता का आरोप
यह मामला वर्ष 2019 का है, जब रामपुर शहर कोतवाली में आरोप लगाया गया था कि रामपुर पब्लिक स्कूल की मान्यता लेने के लिए फर्जी दस्तावेज़ों का प्रयोग किया गया। इस सिलसिले में दर्ज मुकदमे की सुनवाई लंबे समय से चल रही है। अब कोर्ट द्वारा चार्ज फ्रेम होने के बाद मामला निर्णायक चरण में पहुंच गया है।
अन्य मामलों में भी की कोर्ट में हाजिरी
सपा नेता आजम ख़ान और उनकी पत्नी ने इस दिन यतीमखाना बस्ती मामले, फांसीघर की जमीन कब्जाने, और जौहर यूनिवर्सिटी गेट प्रकरण जैसे कई मामलों में भी अदालत में हाजिरी लगाई। यतीमखाना बस्ती मामले में बचाव पक्ष की ओर से गवाह पेश किया गया। इस केस की अगली सुनवाई 7 नवंबर को होगी।
बचाव पक्ष ने क्या कहा?
आजम ख़ान के अधिवक्ता जुबैर अहमद ने बताया कि रामपुर पब्लिक स्कूल (RPS) मामले में आरोप तय हो चुके हैं, जबकि बाकी मामलों में नियमित कार्यवाही जारी रहेगी।
राजनीतिक और कानूनी चुनौतियों के बीच आजम फिर चर्चा में
करीब एक माह पहले जमानत पर रिहा हुए आजम ख़ान के लिए यह मामला नई परेशानी लेकर आया है। फर्जी मान्यता, भूमि विवाद और अन्य मामलों में लगातार हो रही अदालती पेशियों ने सपा नेता को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
