मथुरा: दिल्ली-आगरा रेल रूट पर बड़ा हादसा हो गया। वृंदावन-आझई सेक्शन के बीच जैंत इलाके में कोयले से लदी मालगाड़ी के 12 डिब्बे रात करीब 8:03 बजे पटरी से उतर गए। हादसे के बाद ट्रैक पर कोयला फैल गया, जिससे दिल्ली-आगरा अप और डाउन दोनों ट्रैक पर रेल यातायात बाधित हो गया। हादसा इतना गंभीर था कि एक दर्जन ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोकना पड़ा और यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा।

रेलवे सूत्रों के मुताबिक, डिब्बे उतरने की वजह से अप, डाउन और तीसरी लाइन पूरी तरह अवरुद्ध हो गई, हालांकि चौथी लाइन से कुछ गाड़ियों का संचालन देर रात साढ़े दस बजे के बाद शुरू किया गया। घटना की सूचना मिलते ही आगरा कैंट स्टेशन से दुर्घटना राहत ट्रेन रवाना की गई और वरिष्ठ रेलवे अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। राहत एवं मरम्मत कार्य देर रात तक जारी रहा।
इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, लेकिन कोयले के डिब्बे पटरी से उतरने के कारण रेलवे ट्रैक को भारी नुकसान पहुंचा। वहीं, ट्रैक पर फैले कोयले ने बहाली कार्य को और मुश्किल बना दिया। रेलवे की तकनीकी टीम ट्रैक को साफ करने और क्षतिग्रस्त हिस्सों को दुरुस्त करने में जुटी रही।

हादसे के चलते कई प्रमुख ट्रेनें प्रभावित हुईं। शताब्दी एक्सप्रेस, पंजाब मेल, नंदा देवी एक्सप्रेस, मेवाड़ एक्सप्रेस, देहरादून एक्सप्रेस और संपर्क क्रांति एक्सप्रेस सहित एक दर्जन से अधिक ट्रेनों को मथुरा जंक्शन, आगरा कैंट, पलवल और अन्य स्टेशनों पर रोकना पड़ा। कुछ ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया गया जबकि कुछ को आंशिक रूप से निरस्त किया गया।

दुर्घटना के कारण सैकड़ों यात्री ट्रेनों में ही फंसे रहे। कई यात्रियों ने बताया कि वे घंटों से ट्रेन में ही इंतजार कर रहे थे और उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। हालांकि रेलवे प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, देर रात तक डाउन ट्रैक आंशिक रूप से चालू कर दिया गया था, जबकि अप ट्रैक को पूरी तरह बहाल करने का कार्य जारी था। संभावना है कि गुरुवार सुबह तक ट्रैफिक सामान्य कर दिया जाएगा। फिलहाल रेलवे ने इस घटना के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं।
