उत्तर बंगाल/नई दिल्ली: उत्तर बंगाल में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। दार्जिलिंग जिले में हुए भूस्खलन और पुल टूटने की घटनाओं में कम से कम सात लोगों की मौत हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक, मिरिक और सुखिया क्षेत्रों में भूस्खलन से कई लोग हताहत हुए हैं। हादसे के बाद दार्जिलिंग जिला पुलिस राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है, जबकि कालिम्पोंग में स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है।

दुधिया में लोहे का पुल ढहा
भारी बारिश के कारण पश्चिम बंगाल के दुधिया क्षेत्र में लोहे के पुल का एक हिस्सा ढह गया, जिससे सिलीगुड़ी-दार्जिलिंग एसएच-12 सड़क पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। पुल के टूटने से क्षेत्र का संपर्क अन्य इलाकों से कट गया है और सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
भाजपा सांसद राजू बिस्ता ने जताया दुख
इस घटना पर दार्जिलिंग से भाजपा सांसद राजू बिस्ता ने दुख जताया है। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा —
“दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जिलों के कई हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश के कारण हुए भारी नुकसान के बारे में जानकर मुझे बेहद दुख हुआ है। मौतें हुई हैं, संपत्ति और बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। मैं स्थिति का जायजा ले रहा हूं और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हूं।”
लोगों की मदद के लिए जुटे भाजपा कार्यकर्ता
राजू बिस्ता ने आगे लिखा —
“हमने अपने भाजपा कार्यकर्ताओं को लोगों की मदद और सहायता के लिए जुटने का निर्देश पहले ही दे दिया है। हम हर संभव प्रयास करेंगे ताकि जरूरतमंद लोगों तक समय पर मदद पहुंच सके। मैं अपने सभी गठबंधन सहयोगियों और क्षेत्र के अन्य राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से भी समन्वय की अपील करता हूं।”
प्रशासन राहत और बचाव में जुटा
इस बीच, प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें लगातार काम में जुटी हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कई इलाकों का संपर्क अब भी टूटा हुआ है और जनजीवन सामान्य होने में समय लग सकता है।
