जालौन। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में वर्ष 2020 के एक सनसनीखेज दुष्कर्म मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने रिक्शा चालक रोहित को नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसमें से 30 हजार रुपये पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे।
क्या है पूरा मामला
यह मामला उरई कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले का है। 2 अगस्त 2020 को पीड़िता के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 31 जुलाई 2020 को रिक्शा चालक रोहित उनके घर आया और गाली-गलौज करने लगा। जब परिवार ने उसे रोकने की कोशिश की, तो उसने उनकी नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ और मारपीट की।
जांच के दौरान जब पुलिस ने पीड़िता से पूछताछ की, तो उसने बताया कि 15 फरवरी 2020 को, जब उसके माता-पिता घर पर नहीं थे, तब रोहित ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया था। पीड़िता ने यह भी बताया कि रोहित पहले से उनकी दुकान पर आता-जाता था और प्रेम के झांसे में फंसाकर कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता हुई गर्भवती, कराया गया गर्भपात
पीड़िता के बयान के अनुसार, लगातार शोषण के चलते वह गर्भवती हो गई। इसके बाद रोहित ने एक निजी अस्पताल में उसका गर्भपात करा दिया। इस खुलासे के बाद पुलिस ने शुरू में दर्ज छेड़खानी और मारपीट के मामले को बदलकर दुष्कर्म, गर्भपात और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में परिवर्तित कर दिया।
न्यायिक प्रक्रिया और फैसला
पुलिस ने 16 फरवरी 2021 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश मोहम्मद कमर ने पीड़िता, उसके परिवार और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए। सभी सबूतों और बयानों पर विचार करने के बाद अदालत ने रोहित को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
कोर्ट ने कहा नाबालिग के साथ अपराध अक्षम्य
अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि नाबालिग के साथ ऐसा जघन्य अपराध समाज के लिए एक गंभीर खतरा है और ऐसे अपराधियों को किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जा सकती।
