बरेली : यूपी के बरेली में इंकलाबी मजदूर केंद्र का बरेली शहर सम्मेलन आज प्रेरणा सदन, PWD ऑफिस में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ साथी देव सिंह ने झंडारोहण से की। इसके बाद झंडा गीत गाकर सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत की गई। सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय हालातों पर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई और बरेली के मजदूर वर्ग की स्थिति पर चर्चा हुई। वैश्विक हालात और मजदूर आंदोलन पर चर्चा सम्मेलन को संबोधित करते हुए हरिगोविंद ने कहा “पूंजीवादी – साम्राज्यवादी ताकतें अपने मुनाफे के लिए मजदूरों का शोषण कर रही हैं। रूस-यूक्रेन और इज़रायल -फिलिस्तीन युद्ध इसका उदाहरण हैं। पूरी दुनिया के मेहनतकशों को फासीवादी ताकतों और युद्धों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।”
मजदूर वर्ग पर हमले का आरोप

बरेली शहर सचिव ध्यान चंद्र मौर्य ने कहा अदाणी-अंबानी जैसे बड़े पूंजीपतियों का आरएसएस-भाजपा के साथ गठजोड़ मजदूरों पर हमला कर रहा है। मोदी सरकार ने श्रम कानूनों को बदलकर मजदूरों को अधिकारविहीन बना दिया है। जनवादी अधिकारों को कुचला जा रहा है और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का दमन हो रहा है।
बरेली के मजदूरों की स्थिति
मोहित (अध्यक्ष, मार्केट वर्कर्स एसोसिएशन) ने कहा कि बरेली में मजदूर मुख्य रूप से परसाखेड़ा, रजउ, दुकानों, मॉल, सरकारी विभागों और गिग सेक्टर में काम कर रहे हैं। लेकिन श्रम कानूनों का पालन नहीं होता। न्यूनतम वेतन और कार्यस्थल सुरक्षा का अभाव है। ठेका और संविदा पर काम करने वाले मजदूरों का शोषण किया जा रहा है।
मजदूर आंदोलन में एकजुटता की ज़रूरत :संजीव मेहरोत्रा
संजीव मेहरोत्रा (महामंत्री, बरेली ट्रेड यूनियन फेडरेशन) ने कहा कि मजदूर आंदोलन जाति-धर्म और क्षेत्रीयता की राजनीति से बंटा हुआ है। ठेका -संविदा नीति ने मजदूरों को कमजोर किया है। मजदूरों को शासकों के हथकंडों से बचकर एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।
नए नेतृत्व का चुनाव
सम्मेलन के अंत में चार प्रस्ताव पास किए गए और 5 सदस्यीय शहर कमेटी का चुनाव हुआ। ध्यान चंद्र मौर्य को बरेली शहर सचिव चुना गया। इस दौरान सम्मेलन में भारत सिंह, मोहित देवल, दिलीप कुमार, देव सिंह, उपेश मौर्य, उमेश, धारा सिंह, संजय, रामसेवक, सुशील मिश्रा, लाल जी कुशवाहा, राजकुमार, दीपक, पप्पू, अरविंद शुक्ला, अभिषेक आदि मौजूद थे।
