1500वीं ईद मीलादुन्नबी पर अमन के लिए बड़ा क़दम उठाए सरकार
बरेली : दरगाह आला हज़रत पर चल रहे उर्स-ए-रज़वी व उर्स- ए- अमीन -ए-शरीअत के तीसरे और आख़िरी दिन ऑल इंडिया रज़ा एक्शन कमेटी (RAC) मुख्यालय “बैतुर्रज़ा” पर कुल शरीफ़ का जलसा हुआ। जलसे की सरपरस्ती नबीरा-ए-आला हज़रत हज़रत अफ़रोज़ रज़ा क़ादरी ने की और सदारत राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अदनान रज़ा क़ादरी ने फ़रमाई।
नामूस-ए-रिसालत पर क़ानून की मांग

मौलाना अदनान रज़ा क़ादरी ने अपनी तक़रीर में कहा “रसूल-ए-पाक की शान में अदना सी गुस्ताख़ी भी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। हुकूमत को चाहिए कि एक ऐसा क़ानून बनाए जिसमें नामूस-ए-रिसालत पर गुस्ताख़ी करने वालों को सख़्त से सख़्त सज़ा मिले।”उन्होंने यह भी कहा कि 1500वीं ईद मीलादुन्नबी के मौक़े पर अमन का पैग़ाम देने के लिए सरकार को बड़ा क़दम उठाना चाहिए।
जलसे और नात-मनक़बत की महफ़िल
सुबह से ही अक़ीदतमंदों का तांता RAC मुख्यालय पर लगा रहा। नातख़्वाँ और शायरों ने नात और मनक़बत पेश की। मुफ़्ती उमर रज़ा, मौलाना अबरार रज़ा, मौलाना शरीफ़ रज़ा सहित कई उलमा-ए-किराम ने ख़िताब किया।
लंगर, फ्री मेडिकल कैंप और टेंपो सेवा
तीसरे दिन भी देर रात तक लंगर -ए-आम, फ्री मेडिकल कैंप और टेंपो सेवा जारी रही। नबीरा-ए-आला हज़रत बुरहान रज़ा क़ादरी ने गर्मी को देखते हुए आईसक्रीम लंगर भी कराया। आरएसी की टीम ने किया पौधारोपण अभियान भी चलाया और शहरभर में अलग-अलग जगह फ्री हेल्पलाइन व सेवा केंद्र स्थापित किए। मौलाना अदनान रज़ा क़ादरी ने एलान किया कि जल्द ही एक तालीमी इदारा (Educational Institution) शुरू किया जाएगा, जिससे नौजवानों को दीनी और दुनियावी दोनों तरह की तालीम हासिल हो सके।
