बरेली : शहर की नोमहला शरीफ परिसर स्थित दरगाह नासिर मियां रहमतुल्लाह अलेह पर उर्स -ए-फैज़ानी के तीसरे दिन की शुरुआत कुरआन शरीफ़ की तिलावत से हुई। सज्जादानशीन हज़रत ख़्वाजा सुल्तान अहमद मियां नासरी साबरी अल क़ादरी की सरपरस्ती में नमाज़-ए-असर के बाद ख़त्मे शरीफ़ की रस्म अदा हुई। असर और मग़रिब के बीच हज़रत फैज़ान अहमद रहमतुल्लाह अलेह के 45वें कुल शरीफ़ की रस्म पूरी अकीदत के साथ अदा की गई। मग़रिब के बाद लंगर-ए-आम में सैकड़ों अकीदतमंदों ने शिरकत की।
कब्बालों के कलाम से झूमे अकीदतमंद
रात को महफ़िले शमां में कब्वाल जीशान फैज़ान और निज़ाम साबरी धम्मन की टीम ने सूफियाना कलाम पेश किए, जिससे महफ़िल झूम उठी। नायब सज्जादानशीन हज़रत ख़्वाजा सलमान मियां नासरी ने विशेष दुआ में मुल्क और आवाम की खुशहाली, सलामती, कामयाबी, तरक्की, बीमारों की शिफ़ा, बेरोज़गारों के लिए रोज़गार और दिली सुकून की दुआ मांगी।
कलियर को आज रवाना होगा झंडा
समाजसेवी पम्मी ख़ाँ वारसी ने संदेश दिया कि “एक रहो और नेक बनो, बेसहारा की मदद करो, नेकियों को कायम रखो और बुराइयों से बचो। पढ़ो और बढ़ो का नारा बुलंद करो।” इस मौके पर हज़रत शाने अली कमाल मियां, सूफी वसीम मियां नासरी साबरी, शाहिद रज़ा नूरी समेत कई प्रमुख शख्सियतें मौजूद रहीं और अकीदतमंदों को लंगर बांटा। 10 अगस्त (रविवार) को दोपहर 1 बजे साबरी झंडा पैदल काफिला परंपरागत मार्ग से नोमहला शरीफ से कलियर शरीफ रवाना होगा, जहां कई स्थानों पर स्वागत कार्यक्रम होंगे।
