लखनऊ : यूपी की सियासत (राजनीति) एक बार फिर गर्मा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा कर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में प्रदेश में अराजकता चरम पर है, और गुंडों और उपद्रवियों को सत्ता का खुला संरक्षण प्राप्त है।
“खुलेआम लहराई जा रही हैं तलवारें- असलहे और दी जा रही हैं धमकियां”
सपा प्रमुख ने कहा कि प्रदेश की सड़कों पर पहली बार इस तरह की अराजकता देखने को मिल रही है, जहां खुलेआम तलवारें, असलहे लहराए जा रहे हैं और लोगों को गोली मारने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में पुलिस-प्रशासन और सरकार चुप क्यों है? क्या यह चुप्पी सत्ता संरक्षित अराजकता का प्रमाण नहीं है?
“सत्ता के दबाव में बेबस है पुलिस, अराजक तत्वों का तांडव जारी”
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि आगरा से लेकर बनारस तक सत्ता के संरक्षण में शनिवार को अराजक तत्वों ने तांडव मचाया है। पुलिस पूरी तरह दबाव में है और अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं कर पा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, और इसके लिए डर और उत्पीड़न का सहारा लिया जा रहा है।
बनारस में सपा नेता पर हमले की निंदा
सपा प्रमुख ने वाराणसी में समाजवादी पार्टी के नेता हरीश मिश्रा पर चाकू से हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि हरीश मिश्रा, जो ‘बनारस वाले मिश्रा जी’ के नाम से जाने जाते हैं। उन पर किया गया हमला भाजपा राज की ध्वस्त कानून व्यवस्था का प्रमाण है। “उनके रक्तरंजित वस्त्र, उत्तर प्रदेश की असल स्थिति का आईना हैं,”।
“भाजपा का जीरो टॉलरेंस का दावा अब शून्य”
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराध रोकने में पूरी तरह से विफल हो चुकी है। हत्या, लूट, बलात्कार की घटनाएं दिन-ब-दिन बढ़ रही हैं। सुप्रीम कोर्ट तक ने प्रदेश की पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा, “भाजपा का जीरो टॉलरेंस का दावा अब जीरो हो चुका है।”
लखनऊ में बाबा साहब की मूर्ति हटाने पर जताई नाराजगी
सपा प्रमुख ने लखनऊ में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई को शासन की सामंतवादी मानसिकता का उदाहरण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि “कभी गोरखपुर में मूर्ति-चबूतरा हटवाया जाता है, तो कभी लखनऊ में प्रभुत्व के दंभ में महापुरुषों की मूर्तियां हटाई जाती हैं।”
2027 में बदलाव का संकल्प
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब भाजपा की अराजकता और गुंडागर्दी को और अधिक बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 के विधानसभा चुनावों में जनता संविधान और कानून का पालन करने वाली समाजवादी पार्टी को सत्ता में लाएगी।
