लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 11 अगस्त 2025 से शुरू होगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण अध्यादेशों को सदन में मंजूरी के लिए पेश कर सकती है। कैबिनेट ने वित्त विभाग के उस प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी है। जिसके तहत विधानमंडल में सीएजी (CAG) की 7 रिपोर्टें पेश करने के लिए राज्यपाल से अनुमति ली जाएगी।
सदन में पेश की जाएंगी ये 7 रिपोर्ट
इसमें शहरी क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर रिपोर्ट, केंद्रीय सड़क निधि (CRF) के उपयोग पर प्रतिवेदन, सरयू नहर परियोजना पर रिपोर्ट, भवन एवं सन्निर्माण कर्मकारों का कल्याण विषयक रिपोर्ट, मार्च 2022 को समाप्त वित्तीय वर्ष पर सीएजी प्रतिवेदन, राज्य वित्त पर रिपोर्ट और खनन और अवैध खनन का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव विषयक रिपोर्ट पेश होगी। मानसून सत्र के दौरान न केवल इन रिपोर्टों पर चर्चा होगी, बल्कि सरकार कई विधायी कार्य और नीति सुधार भी सदन में ला सकती है।
