मेरठ/लखनऊ : यूपी के मेरठ और मुजफ्फरनगर में आगामी कांवड़ यात्रा को देखते हुए ज़िला प्रशासन ने 16 से 23 जुलाई 2025 तक सभी स्कूल बंद करने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही बस सेवाएं और भारी वाहनों का संचालन भी इन दिनों के दौरान स्थगित रहेगा।
जानें क्यों लिया गया ये फैसला?
श्रावण मास में हर साल की तरह इस बार भी कांवड़ यात्रा के लिए भारी भीड़ उमड़ने लगी है। कांवड़ियों के जत्थे हरिद्वार से जल लेकर अपने-अपने शहरों की ओर लौट रहे हैं। जिसके चलते एनएच-58 (हरिद्वार-मेरठ मार्ग) पर जबरदस्त ट्रैफिक, दुर्घटनाओं और कानून -व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
कौन-कौन से स्कूल रहेंगे बंद ?
मेरठ और मुजफ्फरनगर के जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं कि सभी परिषदीय, माध्यमिक, डिग्री कॉलेज और तकनीकी संस्थान 16 से 23 जुलाई तक पूर्ण रूप से बंद रहेंगे। यह आदेश CBSE, UP Board, ICSE सहित सभी मान्यता प्राप्त सरकारी और निजी स्कूलों पर भी लागू होगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। 24 जुलाई से सभी शिक्षण संस्थान सामान्य रूप से खुलेंगे।
बस सेवाएं भी ठप
मेरठ जिला प्रशासन ने बताया कि सिटी ट्रांसपोर्ट, इलेक्ट्रिक बसें और वॉल्वो सेवाएं 24 जुलाई तक निलंबित रहेंगी। इससे हज़ारों यात्रियों को दैनिक आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
भारी वाहनों पर लगा प्रतिबंध
मेरठ एसएसपी विपिन ताडा के मुताबिक 16 जुलाई रात तक हल्के और मध्यम वाहन टू-वे ट्रैफिक में ही चल सकेंगे। 17 से 24 जुलाई तक एनएच-58 मार्ग पर हल्के और मध्यम वाहनों का संचालन पूर्णतः बंद रहेगा। 18 जुलाई रात 12 बजे से 24 जुलाई रात 12 बजे तक, मेरठ से हरिद्वार, गाजियाबाद से मेरठ। इन मार्गों पर सभी प्रकार के वाहनों का संचालन प्रतिबंधित कर दिया गया है।
सुरक्षा और ट्रैफिक नियंत्रण की तैयारी
कांवड़ यात्रा के दौरान किसी दुर्घटना या टकराव की आशंका से निपटने के लिए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल, होमगार्ड और पीएसी तैनात किए हैं। ट्रैफिक पुलिस को खास निर्देश दिए गए हैं कि रूट डायवर्जन को सख्ती से लागू करें।
