बरेली : केंद्र सरकार की जनविरोधी आर्थिक नीतियों के खिलाफ 9 जुलाई को प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल को लेकर बरेली में तैयारियां तेज़ हो गई हैं। ट्रेड यूनियनों, बैंक कर्मचारियों, शिक्षक संगठनों और अभिभावकों ने प्रदर्शन और रैलियों की श्रृंखला शुरू कर दी है।
3 जुलाई: एलआईसी कार्यालय पर प्रदर्शन
कर्मचारी नेता संजीव मेहरोत्रा ने बताया कि हड़ताल की तैयारी के तहत 3 जुलाई को दोपहर 1:30 बजे, जीवन बीमा निगम (LIC) के दीन दयाल पुरम स्थित मंडलीय कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन का उद्देश्य सरकार की निजीकरण नीतियों और श्रमिक विरोधी फैसलों का विरोध करना है।
4 जुलाई को स्कूल मर्जर के खिलाफ स्कूटर रैली
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों के मर्जर के फैसले के विरोध में शिक्षकों और अभिभावकों में जबरदस्त रोष है। 4 जुलाई को दोपहर 3 बजे, कंपनी गार्डन से स्कूटर रैली निकाली जाएगी। यह रैली शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने वाले फैसलों के खिलाफ जनजागरण का काम करेगी।
8 जुलाई को दो बड़े विरोध कार्यक्रम
सबसे पहले 4 बजे कलेक्ट्रेट पर मोर्चे की ओर से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। जिसमें सरकार की आर्थिक नीतियों और शिक्षा क्षेत्र के फैसलों को वापस लेने की मांग की जाएगी। इसके बाद 5:30 बजे पंजाब एंड सिंध बैंक, सुरेश शर्मा नगर: बैंक यूनियन द्वारा प्रदर्शन किया जाएगा। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि सरकार लगातार निजीकरण और विलय की नीतियों से उनकी नौकरी और संस्थान दोनों को खतरे में डाल रही है।
हड़ताल का मुख्य आयोजन 9 को
9 जुलाई को बरेली ट्रेड यूनियंस फेडरेशन के नेतृत्व में हड़ताल की घोषणा की गई है। यह प्रदर्शन बैंक ऑफ बड़ौदा, विकास भवन के सामने सुबह 11:00 बजे से होगा इस हड़ताल में बैंक, बीमा, शिक्षा, मजदूर, बिजली, परिवहन, निर्माण, स्वास्थ्य और रक्षा क्षेत्र के कर्मचारी भाग लेंगे।
यह बोले आंदोलन से जुड़े लोग
शिक्षक नेता “स्कूल मर्जर का मतलब है। गरीब बच्चों की शिक्षा से खिलवाड़। हम चुप नहीं बैठेंगे।”बैंक कर्मचारी बोले “हर बार प्राइवेटाइजेशन की बात होती है, क्या सरकार सरकारी नौकरियों को खत्म करना चाहती है?”ट्रेड यूनियन प्रतिनिधि ने “यह हड़ताल केवल मजदूरों की नहीं, आम जनता की भी है, जो मंहगाई, बेरोज़गारी और निजीकरण से परेशान है।”
