करछना/प्रयागराज/नैनी/कौशाम्बी/लखनऊ: यूपी के प्रयागराज के करछना स्थित भडेवरा गांव और नैनी क्षेत्र में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने रविवार को जमकर बवाल किया। यह विरोध चंद्रशेखर आज़ाद को सर्किट हाउस में नजरबंद किए जाने के विरोध में हुआ। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने डायल 112 की गाड़ी पलट दी, निजी और परिवहन निगम की बसों में तोड़फोड़ की, और कई वाहनों में आग लगा दी।
क्या हुआ घटनास्थल पर

सैकड़ों की संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने सर्किट हाउस घेरने की कोशिश की। पुलिस ने जब उन्हें रोका, तो ईंट-पत्थर चलाए गए। नैनी थाने की जीप में भी जमकर तोड़फोड़ की गई। कई गाड़ियाँ जला दी गईं, कुछ को गड्ढों में धकेल दिया गया। डायल 112 वाहन पलटकर नष्ट कर दिया गया।
पुलिस और प्रशासन की स्थिति
मौके पर पहुंचे डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव और बाद में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजय पाल शर्मा ने मोर्चा संभाला। तीन हजार से अधिक कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद स्थिति बिगड़ गई थी, लेकिन कई थानों की पुलिस, पीएसी बल, और अफसरों की तैनाती से हालात काबू में आए। एक घंटे से ज़्यादा चला पथराव और आगजनी का सिलसिला।
चंद्रशेखर आज़ाद को क्यों रोका गया?
आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद कौशाम्बी जिले के लोहंदा गांव में एक पीड़ित परिवार से मिलने जाना चाहते थे। लेकिन कानून व्यवस्था के कारण पुलिस ने उन्हें रोका और सर्किट हाउस में नजरबंद कर दिया। मंडल प्रभारी अनिल कुमार गौतम ने कहा कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। वहीं डीपी नगर अभिषेक भारती का कहना है कि लोहंदा गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए प्रतिबंध लगाया गया है। इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। दुकानें बंद, सड़कें सुनसान, लोगों में दहशत है। उपद्रवी भूमिगत हैं, तो वहीं कई को गिरफ्तार किया गया। यातायात फिर से चालू किया गया, लेकिन स्थिति अभी भी तनावपूर्ण
