बरेली : यूपी की बरेली पुलिस ने जमीन की फर्जी रजिस्ट्री और कूटरचित दस्तावेज़ तैयार कर लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस घोटाले के मास्टरमाइंड कार्तिकेय त्रिपाठी, निवासी मोहल्ला चौधरी गुलाबनगर, को थाना किला को शहर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह पर आरोप है कि उन्होंने असली ज़मीन मालिकों की जानकारी जुटाकर, उनके नाम से फर्जी दस्तावेज़ बनाए और ज़मीन को कई बार अलग-अलग लोगों को ऊँचे दामों पर बेच दिया।
पुलिस ने ऐसे की गिरफ्तारी
पुलिस को आरोपी की लंबे समय से तलाश थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बरेली अनुराग आर्य के निर्देश पर बनी टीम ने कोर्ट से जारी गैर-जमानती वारंट के आधार पर कार्तिकेय को दबोच लिया। उससे पहले गिरोह के अन्य सदस्य लेखपाल सावन और अमित सिंह पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
जानें जालसाजी का तरीका और रकम
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, गिरोह अब तक करीब 3 करोड़ की ठगी कर चुका है। आरोपी रजिस्ट्री ऑफिस में फर्जी दस्तावेज पेश कर न सिर्फ जमीनी रजिस्ट्री कराता था, बल्कि एक ही जमीन को 2-3 बार अलग-अलग लोगों को बेचकर बड़ी रकम ऐंठता था।
इन धाराओं में केस दर्ज
कार्तिकेय त्रिपाठी के खिलाफ निम्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इसमें धारा 420, 467, 468, 471, 120B इसके अलावा, उस पर पहले से ही तीन अन्य थानों में भी मामले दर्ज हैं।
पुलिस टीम ने निभाई अहम भूमिका
एसपी सिटी मानुष पारीक ने मीडिया को बताया कि यह गिरोह कूट रचित दस्तावेज़ तैयार कर धोखाधड़ी करता था। इससे पहले गिरोह के आरोपी लेखपाल और एक अन्य को जेल भेजा जा चुका है। आरोपी कार्तिकेय त्रिपाठी के खिलाफ छह मामले दर्ज हैं। इसके खाते से स्टांप की खरीद की गई थी। गिरफ्तार करने वाली टीम में कोतवाली के निरीक्षक अपराध लव सिरोही,.सब इंस्पेक्टर बिनोद कुमार, सिपाही कपिल कुमार आदि थे। एसपी सिटी ने नागरिकों से अपील की है कि जमीन से संबंधित लेनदेन में सावधानी बरतें। दस्तावेजों की पूरी तरह से जांच करें और सत्यापन के बाद ही रजिस्ट्री कराएं, जिससे इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
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