आशुतोष रांका और सौरव दास की हिरासत बढ़ाने पर जताई नाराजगी, सीजेपी नेताओं ने समर्थन के लिए ममता बनर्जी का आभार जताया
कोलकाता: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी और हिरासत बढ़ाए जाने के मामले में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आवाज उठाई है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर दोनों नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग की। इसके बाद सीजेपी के आधिकारिक सोशल मीडिया खाते से ममता बनर्जी के समर्थन के लिए उनका आभार जताया गया।
ममता बनर्जी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने अपनी पोस्ट में कहा कि आशुतोष और सौरव की हिरासत बढ़ाए जाने के पीछे की मंशा को वह समझ सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र पर लगातार हमले हो रहे हैं और युवा पीढ़ी को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कोलकाता से लेकर दिल्ली और मुंबई तक अत्याचार बढ़ने का दावा किया जा रहा है। ममता ने मौजूदा हालात की तुलना औपनिवेशिक शासन के दौर से करते हुए कहा कि उस समय भी लोगों को अत्याचार सहने पड़े थे, लेकिन उन्होंने साहस और दृढ़ संकल्प के साथ संघर्ष किया था। ममता बनर्जी ने इन घटनाओं को सरकार प्रायोजित आतंकवाद और पुलिस के अत्याचार बताते हुए सरकार से युवाओं को प्रताड़ित करना बंद करने की मांग की। ये आरोप ममता बनर्जी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए हैं।
‘अत्याचार ज्यादा दिन नहीं टिकते’
ममता बनर्जी ने कहा कि अत्याचार लंबे समय तक नहीं टिक सकते। उन्होंने लोकतंत्र और देश को बचाने के लिए लोगों से मजबूती के साथ खड़े रहने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को याद रखना चाहिए कि वे हमेशा सत्ता में नहीं रहेंगे। उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए मांग की कि यदि वह लोकतंत्र में विश्वास करती है, तो आशुतोष रांका और सौरव दास को तत्काल रिहा किया जाए। ममता की इस पोस्ट के बाद सीजेपी के सोशल मीडिया खाते से उन्हें धन्यवाद दिया गया।
सीजेपी संस्थापक ने हिरासत बढ़ाने पर जताई आपत्ति
इससे पहले सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने साथियों सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए थे। उनके आरोप के मुताबिक, दोनों की हिरासत जानबूझकर लंबी खींची जा रही है, ताकि अदालती कार्यवाही में देरी हो और उन्हें रिहाई न मिल सके। फिलहाल, हिरासत बढ़ाए जाने और गिरफ्तारी को लेकर सीजेपी नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब इस सामग्री में उपलब्ध नहीं है।
