बड़ा बाजार में मिट्टी, स्टील और तांबे के करवा के साथ सजावटी छलनी और हैंडमेड थालियों की वैरायटी उपलब्ध, ऑनलाइन शॉपिंग और ग्राहकों की बदलती पसंद से दुकानदारों की बढ़ी चुनौती
बरेली : करवाचौथ के त्योहार को लेकर बरेली के बाजारों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। सुहागिन महिलाओं के व्रत और पूजन से जुड़ी खरीदारी के बीच इस बार पारंपरिक करवा चौथ की थाली को डिजाइनर लुक दिया गया है।शहर के बड़ा बाजार में सजी -धजी पूजन थालियां, रंग-बिरंगे करवा, डिजाइनर छलनी और करवा स्पेशल सेट ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। हालांकि, आकर्षक वैरायटी के बावजूद दुकानदारों का कहना है कि इस बार बाजार में खरीदारी अपेक्षा के मुताबिक नहीं हो रही है। पूजन सामग्री की दुकानों पर मिट्टी से लेकर स्टील तक के करवा उपलब्ध हैं। वहीं, सजावटी थालियों को मोती, गोटा-पट्टी, लेस और रंगीन सामग्री से तैयार किया गया है। बाजार में तैयार सेट के साथ हाथ से सजाई गई थालियों के विकल्प भी मौजूद हैं। इनकी कीमत डिजाइन, सजावट और सामग्री के अनुसार अलग-अलग है।
250 से 1500 रुपये तक मिल रहे डिजाइनर थाली सेट
करवाचौथ की खरीदारी के लिए बाजार में महिलाओं को कई तरह के विकल्प मिल रहे हैं। साधारण पूजन सामग्री से लेकर आकर्षक डिजाइन वाली थालियों तक की वैरायटी दुकानों पर उपलब्ध है।दुकानदारों के मुताबिक, सजावटी करवा चौथ थाली सेट की कीमत लगभग 250 रुपये से शुरू होकर 1500 रुपये तक पहुंच रही है।हैंडमेड थालियों पर गोटा, लेस, मोती और अन्य सजावटी सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। कुछ महिलाएं पहले से तैयार डिजाइनर सेट खरीदना पसंद कर रही हैं, जबकि कुछ सामान्य थाली लेकर उसे अपनी पसंद के मुताबिक सजाने की तैयारी कर रही हैं।
मिट्टी से स्टील तक के करवा को मिला नया लुक

करवाचौथ के पूजन में इस्तेमाल होने वाले करवा भी इस बार नए अंदाज में बाजार में नजर आ रहे हैं। मिट्टी के करवा पर रंग-बिरंगे डिजाइन बनाए गए हैं, जबकि स्टील के करवा को सजावटी कारीगरी के जरिए आकर्षक बनाया गया है। तांबे के बर्तनों से पूजा करने वाली महिलाओं के लिए भी विकल्प मौजूद हैं। इसके अलावा, कुछ दुकानों पर करवा, थाली और छलनी एक साथ सेट के रूप में उपलब्ध हैं। इससे ग्राहकों को पूजन की जरूरी सामग्री एक ही जगह से खरीदने की सुविधा मिल रही है।
ऑनलाइन शॉपिंग ने बढ़ाई दुकानदारों की चुनौती
मोबाइल और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का असर अब त्योहारों की पारंपरिक खरीदारी पर भी दिखाई देने लगा है। ग्राहक सोशल मीडिया और ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर डिजाइन देखने के बाद बाजार में उसी तरह की थाली और पूजन सामग्री तलाश रहे हैं। दुकानदार विनय के मुताबिक, कई ग्राहक मोबाइल में डिजाइन की तस्वीर दिखाकर उसी तरह का सामान मांगते हैं। इससे दुकानदारों के सामने ग्राहकों की पसंद के अनुसार वैरायटी उपलब्ध कराने की चुनौती बढ़ गई है। हालांकि, स्थानीय बाजार में सामान को सामने देखकर उसकी गुणवत्ता परखने और अपनी पसंद के अनुसार सजावट चुनने का विकल्प भी मिलता है।
दुकानदार बोले- बिक्री कम, लागत निकालना भी मुश्किल
बाजार में सजावटी सामान की वैरायटी बढ़ने के बावजूद दुकानदारों का कहना है कि इस बार बिक्री धीमी है। दुकानदार पूनम के मुताबिक, सजावटी थाली सेट की खरीद लागत और बिक्री मूल्य के बीच बहुत कम अंतर बच रहा है। ग्राहक कई बार निर्धारित कीमत से काफी कम दाम लगाने की कोशिश करते हैं, जिससे मुनाफा कम हो जाता है। पूनम ने बताया कि बाजार में सजावटी थाली सेट लगभग 250 रुपये से उपलब्ध हैं, जबकि कुछ सेट की बिक्री कीमत करीब 350 रुपये रखी गई है। इसके बावजूद ग्राहक 150 से 200 रुपये तक में सामान देने की मांग करते हैं। ऐसे में दुकानदारों के लिए लागत निकालना भी चुनौती बन रहा है।
हर साल नई थाली नहीं खरीदते ग्राहक

दुकानदारों के अनुसार,करवाचौथ की खरीदारी में कमी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। कुछ महिलाएं हर साल नई थाली या लोटा खरीदने के बजाय पहले से मौजूद तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल करती हैं। इसके अलावा, ऑनलाइन खरीदारी और बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा भी स्थानीय दुकानदारों के कारोबार को प्रभावित कर रही है। कुछ दुकानदारों ने करवाचौथ के दिन भद्रा की स्थिति को लेकर ग्राहकों की खरीदारी पर असर पड़ने की बात भी कही है। हालांकि, बिक्री में गिरावट के पीछे किसी एक कारण की पुष्टि करने वाले आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।
ग्राहकों की पसंद के अनुसार बदल रहा बाजार
करवाचौथ की खरीदारी में पारंपरिक पूजन सामग्री के साथ सजावट और डिजाइन का महत्व भी बढ़ रहा है। यही वजह है कि दुकानदार मिट्टी, स्टील और तांबे के करवा के साथ अलग-अलग तरह की थालियां और छलनी उपलब्ध करा रहे हैं। दूसरी ओर, ग्राहक कीमत, डिजाइन और गुणवत्ता की तुलना करके खरीदारी कर रहे हैं।
