लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए शुक्रवार को मतदान हुआ। इनमें पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। चुनाव को भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। मतदान के दौरान कई जगह दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच बहस और विवाद की घटनाएं सामने आईं। वहीं, अलग-अलग जिलों में मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना और शिक्षा व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दे भी चर्चा में रहे।
गोरखपुर और नेवादा में भाजपा-सपा कार्यकर्ताओं के बीच विवाद
गोरखपुर के डीएवी डिग्री कॉलेज में भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। यह विवाद सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी के सामने हुआ। वहीं, नेवादा मतदान केंद्र पर दोपहर करीब ढाई बजे भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य और सपा जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र कुमार सरोज के बीच नोकझोंक हो गई। बताया गया कि मतदान केंद्र परिसर में वाहन लाने को लेकर विवाद शुरू हुआ, जिसके बाद कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सामने आए वीडियो में धर्मराज मौर्य परिसर में वाहनों के प्रवेश का विरोध करते और पुलिसकर्मियों से चालान करने की बात कहते दिखाई दिए। सपा जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र कुमार सरोज ने आरोप लगाया कि भाजपा जिलाध्यक्ष ने उनके साथ बदसलूकी की और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। उनका कहना था कि वह मतदान केंद्र पर एजेंट के रूप में पीठासीन अधिकारी की ओर से निर्धारित स्थान पर बैठे थे। हालांकि, विवाद के बाद स्थिति सामान्य हो गई। दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
गोरखपुर-फैजाबाद में 79.01 प्रतिशत मतदान, मेरठ और गाजियाबाद के आंकड़े
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के सभी 17 जिलों में मतदान समाप्त होने के बाद कुल 79.01 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इससे पहले दोपहर दो बजे तक यहां 56.32 प्रतिशत मतदान हुआ था। मेरठ खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में दोपहर दो बजे तक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 52.17 प्रतिशत और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 22.87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। गाजियाबाद में दोपहर दो बजे तक स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 18 प्रतिशत और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 37 प्रतिशत मतदान हुआ था। उस समय मतदान जारी था। हापुड़ जिले के सभी 14 मतदान केंद्रों पर सुबह आठ बजे मतदान शुरू हुआ। केंद्रों के बाहर प्रत्याशियों के समर्थक मतदाताओं से अपने पक्ष में वोट देने की अपील करते नजर आए। जिले में किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। जिलाधिकारी कविता मीना और पुलिस अधीक्षक मधुबन कुमार ने मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
पहली बार वोट देने वालों में उत्साह, पुरानी पेंशन और शिक्षा सुधार प्रमुख मुद्दे
गाजियाबाद के साहिबाबाद और इंदिरापुरम क्षेत्र में सुबह से ही मतदाता मतदान केंद्रों पर पहुंचने लगे। मकनपुर स्थित नगर निगम बालिका इंटर कॉलेज में पहली बार मतदान करने वाली दिव्या जोशी ने मताधिकार का प्रयोग किया और उंगली पर लगी स्याही का निशान दिखाया। 78 वर्षीय सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. विमल जोशी ने भी मतदान किया। मतदान करने पहुंचीं महिला मतदाताओं ने शिक्षा के क्षेत्र में मूल्यांकन व्यवस्था में सुधार की जरूरत बताई। वहीं, शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करना भी चुनाव के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा। कुल मिलाकर, एमएलसी चुनाव में मतदान के दौरान कई स्थानों पर राजनीतिक गहमागहमी देखने को मिली, जबकि अनेक केंद्रों पर प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत के आंकड़े सामने आने के बाद अब चुनाव परिणामों पर राजनीतिक दलों की निगाहें टिकी हैं।
