पुलिस ने इज्जतनगर, नवाबगंज, हाफिजगंज, फतेहगंज पश्चिमी और बारादरी थाना क्षेत्रों से मिली रिपोर्ट पर की कार्रवाई, संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए अब गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी
बरेली : यूपी के बरेली में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। गौकशी, मादक पदार्थों की तस्करी और छिनैती जैसी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता के आरोपों के आधार पर पुलिस ने पांच गिरोहों का पंजीकरण किया है। इन गिरोहों में पांच गैंग लीडर समेत कुल 30 सदस्यों के नाम दर्ज किए गए हैं। एसएसपी अनुराग आर्य के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के बाद संबंधित आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी है। पुलिस के मुताबिक, थाना इज्जतनगर, नवाबगंज, हाफिजगंज,फतेहगंज पश्चिमी और बारादरी के थाना प्रभारियों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर गिरोहों का पंजीकरण किया गया है। पुलिस का आरोप है कि संबंधित गिरोह संगठित रूप से आपराधिक गतिविधियों के जरिए आर्थिक और भौतिक लाभ अर्जित करने में संलिप्त रहे हैं। पुलिस अब इनके आपराधिक रिकॉर्ड और गतिविधियों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
पांच गैंग लीडर, कुल 30 सदस्य, पुलिस ने दर्ज किए नाम
पुलिस की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, पंजीकृत गिरोहों के सरगनाओं में मुन्तासिर उर्फ मुसासिफ, मो. यासीन, फिदा हुसैन, साजिद और अभिषेक राठौर के नाम शामिल हैं। इन पांच गिरोहों में सदस्यों की संख्या अलग-अलग है। पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए गिरोहों की पहचान कर उनका रिकॉर्ड तैयार किया गया है।
मुन्तासिर उर्फ मुसासिफ के गिरोह में 12 सदस्य
पुलिस के अनुसार, भूड़ा निवासी मुन्तासिर उर्फ मुसासिफ के गिरोह में सरगना समेत कुल 12 लोगों के नाम दर्ज हैं। इनमें असलम, नासिर, जीशान, वसीम, नदीम कुरैशी उर्फ बबली, शफीक टूटा, नईम, इदरीश, नसीम, अकलीम और पप्पू शामिल हैं।पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इस गिरोह के सदस्यों के संबंध इज्जतनगर और भोजीपुरा क्षेत्र से बताए गए हैं। गिरोह की गतिविधियों और सदस्यों के आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
मो. यासीन के गिरोह में पांच नाम
ग्राम लभेड़ा निवासी मो. यासीन के गिरोह में सरगना समेत पांच लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं। अन्य सदस्यों में अबजल, अजमल,आसिफ और अब्दुल समद शामिल हैं। पुलिस ने इस गिरोह का भी पंजीकरण किया है। अधिकारियों के मुताबिक, संगठित आपराधिक गतिविधियों में कथित संलिप्तता को देखते हुए गिरोह के सदस्यों की जानकारी संकलित की गई है।
फिदा हुसैन के गिरोह में सात सदस्य
फिदा हुसैन के गिरोह में सरगना समेत सात लोगों के नाम दर्ज हैं।इनमें अशफाक, मो. फईम, सुरेंद्र, करन, अजय और नंद किशोर श्रीवास्तव उर्फ छोटू शामिल हैं।पुलिस के अनुसार, फिदा हुसैन का मूल पता पीलीभीत जिले का है, जबकि वर्तमान पता बरेली के हाफिजगंज क्षेत्र में बताया गया है। गिरोह के सदस्यों की गतिविधियों और आपराधिक इतिहास की जानकारी के आधार पर पुलिस कार्रवाई आगे बढ़ा रही है।
साजिद के गिरोह में तीन सदस्य
फतेहगंज पश्चिमी के अगरास गांव निवासी साजिद के गिरोह में सरगना समेत तीन लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं। अन्य सदस्यों में अजीम और कौशल शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अजीम फतेहगंज पश्चिमी कस्बे के मोहल्ला अंसारी और कौशल सतुईया पट्टी का निवासी बताया गया है। पुलिस ने इस गिरोह को भी पंजीकृत कर लिया है। अब संबंधित सदस्यों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अभिषेक राठौर के गिरोह में तीन नाम
कल्याणपुर, फरीदपुर निवासी अभिषेक राठौर के गिरोह में सरगना समेत तीन लोगों के नाम दर्ज हैं। अन्य सदस्यों में अभिषेक कश्यप और नितिन मिश्रा शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, अभिषेक कश्यप बरेली के कैंट क्षेत्र और नितिन मिश्रा शाहजहांपुर के निवासी बताए गए हैं। इस गिरोह का भी पंजीकरण किया गया है। पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध में कथित संलिप्तता के आधार पर सभी संबंधित गिरोहों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
अब गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी
एसएसपी अनुराग आर्य के मुताबिक, जिले में संगठित अपराध और अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गौकशी, मादक पदार्थों की तस्करी और छिनैती जैसी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोपों के आधार पर पांच सक्रिय आपराधिक गिरोहों के कुल 30 सदस्यों का गैंग पंजीकरण किया गया है।पुलिस की कार्रवाई का अगला चरण संबंधित आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड, गिरोह की गतिविधियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय होगा। गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा।
संगठित अपराध पर अंकुश लगाने की कवायद
बरेली पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य कथित रूप से सक्रिय आपराधिक गिरोहों की पहचान कर उनकी गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाना और अपराधों पर अंकुश लगाना है। पांच अलग -अलग गिरोहों के 30 सदस्यों का पंजीकरण किए जाने से पुलिस रिकॉर्ड में उनकी पहचान दर्ज हो गई है। फिलहाल पुलिस की ओर से गैंग पंजीकरण की कार्रवाई की जानकारी दी गई है। गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की स्थिति और प्रत्येक आरोपी की भूमिका की पुष्टि संबंधित पुलिस रिकॉर्ड और आगे की कानूनी कार्रवाई से होगी।
