रबूपुरा के नंगला श्रीगोपाल गांव में पति-पत्नी और तीन बच्चों की संदिग्ध मौत के बाद कार्रवाई, साले की शिकायत पर प्रताड़ना का मुकदमा; पुलिस संपत्ति विवाद और कथित वॉइस नोट की भी कर रही जांच
ग्रेटर नोएडा: गौतम बुद्ध नगर जिले के रबूपुरा क्षेत्र के नंगला श्रीगोपाल गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस ने मृतक महेश के साले की शिकायत पर उसकी दो बहनों और एक बहनोई के खिलाफ प्रताड़ना के आरोप में मुकदमा दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, महेश के मोबाइल में मौत से पहले रिकॉर्ड किया गया एक वॉइस नोट भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है। मामले में संपत्ति विवाद और मौत के कारणों समेत कई पहलुओं की पड़ताल जारी है।
महेश के वॉइस नोट के आधार पर जांच, तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, मृतक महेश ने अपने मोबाइल फोन में एक वॉइस नोट रिकॉर्ड किया था। इसमें उसने कथित तौर पर अपनी दो बहनों और एक बहनोई को परिवार की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, रिकॉर्डिंग की सामग्री और उसकी प्रमाणिकता की जांच की जानी बाकी है। मृतक के साले की शिकायत पर पुलिस ने शेखर उर्फ चंद्रशेखर (50), उसकी पत्नी सुनीता (45) और सपना (32) के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। शेखर और सुनीता दिल्ली के शालीमार गांव, जबकि सपना खेड़ा कला, दिल्ली की निवासी बताई गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, मोबाइल रिकॉर्डिंग और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल वॉइस नोट में लगाए गए आरोपों को जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं माना जा सकता।
नूडल्स खाने के बाद सोया था परिवार, सुबह बिस्तर पर मिले पांचों शव
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात महेश अपने परिवार के साथ रामलीला देखकर घर लौटा था। इसके बाद परिवार के सदस्यों ने रात करीब 10:30 बजे नूडल्स खाए और सोने चले गए। शनिवार सुबह काफी देर तक किसी के नहीं जागने पर पड़ोसियों को संदेह हुआ। इसके बाद महेश, उसकी पत्नी ललिता और तीन बच्चों साक्ष, प्रियांश व मिष्टी की मौत का पता चला। पुलिस के मुताबिक, महेश एक चारपाई पर अपने बेटे के पास मिला, जबकि ललिता दूसरे बिस्तर पर अपने छोटे बेटे और बेटी को पकड़े हुए थी। शुरुआती जांच में फूड प्वाइजनिंग की आशंका जताई गई थी। पोस्टमार्टम के दौरान जहरीले पदार्थ के प्रभाव से जुड़े लक्षण मिलने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद विसरा जांच के लिए भेजा गया। मौत की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। महेश की मां चंदो ने बताया था कि तबीयत ठीक नहीं होने के कारण उन्होंने नूडल्स नहीं खाए थे। पुलिस ने परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटनाक्रम की जानकारी जुटाई है।
करोड़ों की जमीन और मुआवजे को लेकर विवाद की भी जांच
पांचों मौतों के बाद पुलिस की जांच में परिवार के भीतर संपत्ति विवाद का पहलू भी सामने आया है। ग्रामीणों के मुताबिक, परिवार में करोड़ों रुपये की जमीन और मुआवजे की रकम को लेकर पहले भी विवाद होता रहा था। ललिता के मायके पक्ष ने आरोप लगाया है कि करीब छह महीने पहले महेश की मां ने लगभग 10 बीघा जमीन अपनी बेटी और दामाद के नाम कर दी थी। उनका दावा है कि इस फैसले से परिवार में तनाव पैदा हुआ था। वहीं, महेश के ससुराल पक्ष ने उसकी मां पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पोस्टमार्टम के बाद पांचों शव देर रात गांव पहुंचे तो परिवार और ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। परिजनों के रोने-बिलखने से गांव में शोक का माहौल बन गया। इसके बाद पांचों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस अब मौत के कारणों, कथित वॉइस नोट, संपत्ति विवाद और शिकायत में लगाए गए आरोपों की अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
