बसपा प्रमुख ने आकाश आनंद की मेहनत और राजनीतिक परिपक्वता की सराहना की, नवंबर तक कई जनसभाओं का कार्यक्रम जारी; ईशान आनंद को भी केंद्रीय कार्यालय में सक्रिय भूमिका देने की जानकारी
लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी संगठन और आगामी कार्यक्रमों को लेकर बयान जारी किया है। उन्होंने राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद की राजनीतिक परिपक्वता और मेहनत की सराहना करते हुए उनके आगामी जनसभा कार्यक्रमों की सूची साझा की। साथ ही, मायावती ने अशोक सिद्धार्थ की पार्टी में वापसी की संभावनाओं को खारिज किया। उन्होंने अपने दूसरे भतीजे ईशान आनंद की पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में सक्रिय भूमिका को लेकर भी जानकारी दी।
आकाश आनंद की मेहनत और राजनीतिक सूझबूझ की सराहना
मायावती के मुताबिक, अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद आकाश आनंद अधिक सूझबूझ और परिपक्वता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद परिवार और रिश्तों से ऊपर उठकर पार्टी तथा बहुजन आंदोलन के कामों को प्राथमिकता दे रहे हैं। मायावती ने आकाश आनंद के काम करने के तरीके और मेहनत की सराहना करते हुए कार्यकर्ताओं को पार्टी के कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहने का संदेश दिया।
आकाश आनंद के आगामी कार्यक्रमों की सूची जारी
मायावती की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, आकाश आनंद के आगामी कार्यक्रम इस प्रकार हैं:
- 28 अक्टूबर 2026: बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश
- 2 नवंबर 2026: सहारनपुर, उत्तर प्रदेश
- 20 नवंबर 2026: अयोध्या, उत्तर प्रदेश
- 22 नवंबर 2026: आगरा, उत्तर प्रदेश
- 26 नवंबर 2026: संविधान दिवस पर पंजाब में विचार संगोष्ठी समारोह, मुख्य अतिथि
- 29 नवंबर 2026: कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश
- 6 दिसंबर 2026: बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर हरिद्वार, उत्तराखंड में जनसभा
इन कार्यक्रमों के जरिए बसपा की संगठनात्मक गतिविधियों और जनसंपर्क को आगे बढ़ाने की तैयारी है।
अशोक सिद्धार्थ की वापसी की संभावना खारिज
मायावती ने अशोक सिद्धार्थ की पार्टी में वापसी को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी स्पष्ट रुख रखा। उन्होंने कहा कि हाल के अप्रिय घटनाक्रमों के लिए आकाश आनंद की तुलना में अशोक सिद्धार्थ अधिक जिम्मेदार थे। इसी कारण उन्हें पार्टी से बाहर करने और राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दी गई थी। मायावती ने कार्यकर्ताओं से ऐसी अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा, जिनमें अशोक सिद्धार्थ की बसपा में वापसी की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अशोक सिद्धार्थ को किसी भी परिस्थिति में पार्टी में वापस नहीं लिया जाएगा। मायावती ने ईशान आनंद की केंद्रीय कार्यालय में सक्रिय भूमिका की भी जानकारी दी। उनके बयान से संकेत मिलता है कि पार्टी नेतृत्व संगठनात्मक कामकाज और आगामी कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
