बरेली : बरेली कॉलेज में शैक्षणिक व्यवस्था और छात्र सुविधाओं को लेकर दो अलग -अलग मामले सामने आए हैं।गणित विभाग में बिना असाइनमेंट जांचे विद्यार्थियों को अंक देने के आरोप पर पूर्व छात्रों ने कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है। वहीं, छात्रवृत्ति के आवेदन जमा करने पहुंचे विद्यार्थियों को लंबी कतारों और वेबसाइट की धीमी गति के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। तीन से चार घंटे इंतजार के बाद भी फॉर्म जमा नहीं होने पर छात्रों ने हंगामा किया। स्थिति को संभालने के लिए कॉलेज प्रशासन को दो अतिरिक्त काउंटर शुरू कराने पड़े।
बिना असाइनमेंट जांचे नंबर देने के आरोप पर विरोध
बरेली कॉलेज के गणित विभाग में विद्यार्थियों को बिना असाइनमेंट जांचे अंक दिए जाने का मामला सामने आने के बाद पूर्व छात्रों ने कार्रवाई की मांग तेज कर दी है। इस मामले में संबंधित शिक्षकों को निलंबित किए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है। उन्होंने आरोपित शिक्षकों को बर्खास्त करने की मांग की है। पूर्व छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा। वहीं, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी (RHEO) के कार्यालय पहुंचने पर अधिकारी के नहीं मिलने से नाराज लोगों ने कार्यालय की दीवार पर लगी नेमप्लेट के नीचे ही मांगपत्र चस्पा कर दिया। इस दौरान रजत मिश्रा, अनुज, केशव शंखधर और श्रेयांश वाजपेयी सहित अन्य लोगों ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े ऐसे मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनका आरोप है कि शिक्षकों के पहुंचने पर अधिकारी उनसे मुलाकात कर लेते हैं, लेकिन अभिभावकों और विद्यार्थियों को मिलने के लिए समय नहीं मिल पाता।
करीब एक हजार विद्यार्थियों के भविष्य का सवाल
पूर्व छात्रों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि बिना कॉपियां या असाइनमेंट जांचे अंक देने की कथित लापरवाही केवल कुछ विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर लगभग एक हजार छात्र-छात्राओं के भविष्य पर पड़ सकता है। उनके मुताबिक, मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना शैक्षणिक संस्थान की जिम्मेदारी है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ऐसी घटनाएं कॉलेज की कार्यप्रणाली और साख पर सवाल खड़े करती हैं। उनका कहना है कि यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में विद्यार्थियों के साथ इस तरह की स्थिति न बने। इस दौरान आर्येंद्र मिश्रा, एकंश गुप्ता, अजय शर्मा, सत्येंद्र मिश्रा और अच्युत शर्मा सहित कई छात्र मौजूद रहे।
छात्रवृत्ति फॉर्म जमा करने के लिए लगी लंबी कतारें
दूसरी ओर, बरेली कॉलेज में छात्रवृत्ति के आवेदन जमा करने की प्रक्रिया भी विद्यार्थियों के लिए परेशानी का कारण बनी। गुरुवार को प्राचार्य कार्यालय परिसर में बनाए गए दो काउंटरों पर सुबह से ही छात्र-छात्राओं की भीड़ जुटने लगी। वेबसाइट की धीमी गति के कारण फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया प्रभावित हुई और कतारें लंबी होती चली गईं।विद्यार्थियों के मुताबिक, उन्हें तीन से चार घंटे तक लाइन में खड़े रहने के बाद भी फॉर्म जमा कराने में दिक्कत हुई। लगातार इंतजार और समय पर आवेदन जमा नहीं हो पाने की आशंका के चलते विद्यार्थियों ने हंगामा किया।
हंगामे के बाद खुले दो अतिरिक्त काउंटर
विद्यार्थियों की बढ़ती भीड़ और परेशानी को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने शाम को दो अतिरिक्त काउंटर शुरू कराए। इसके बाद देर शाम तक छात्रवृत्ति के फॉर्म जमा करने का काम जारी रहा। प्रशासन ने अधिक से अधिक आवेदन स्वीकार करने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी दो पालियों में निर्धारित की। विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें छात्रवृत्ति फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर होने की जानकारी है। इसी वजह से वे समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए सुबह से कॉलेज पहुंच रहे थे। वेबसाइट की धीमी गति और सीमित काउंटरों के कारण उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
छात्रों की मांग-शिक्षा और आवेदन व्यवस्था में हो सुधार
बरेली कॉलेज से जुड़े इन दोनों मामलों ने विद्यार्थियों की समस्याओं को सामने रखा है। एक ओर मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित अनियमितता को लेकर जवाबदेही और निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है, तो दूसरी ओर छात्रवृत्ति आवेदन जमा करने की व्यवस्था को अधिक सुचारु बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है। विद्यार्थियों की अपेक्षा है कि कॉलेज प्रशासन मूल्यांकन संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराए और छात्रवृत्ति फॉर्म जमा करने के दौरान तकनीकी समस्याओं तथा लंबी कतारों से बचने के लिए पर्याप्त व्यवस्था करे।
