भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) ने डीएम कार्यालय में सौंपा ज्ञापन, पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराने और गन्ने का मूल्य 600 रूपये प्रति क्विंटल करने की मांग, समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
बरेली : यूपी के बरेली जिले में ओलावृष्टि और खराब मौसम से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग उठी है। भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) ने मंडल अध्यक्ष रनवीर सिंह फौजी के नेतृत्व में डीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की। संगठन ने जिले के सभी धान खरीद केंद्र समय से शुरू कराने, पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराने, सरकारी कृषि बीज भंडारों से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने और गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने की मांग भी उठाई।
ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का सर्वे कराने की मांग
किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष रनवीर सिंह फौजी ने कहा कि ओलावृष्टि और प्रतिकूल मौसम के कारण जिले में धान, मक्का, गन्ना, उड़द, मूंग, तिल समेत अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है।इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है।उन्होंने मांग की कि प्रभावित तहसीलों और विकासखंडों में राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीमें गठित कर लेखपालों के माध्यम से निष्पक्ष सर्वे कराया जाए। फसलों को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन कराकर पात्र किसानों को नियमानुसार जल्द मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।
धान खरीद केंद्र जल्द शुरू हों, पर्याप्त मिले बारदाना
ज्ञापन में जिले के सभी धान खरीद केंद्रों को समय से शुरू कराने और प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराने की मांग की गई। संगठन का कहना है कि धान खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चलनी चाहिए। जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए कई-कई दिनों तक इंतजार न करना पड़े। किसान यूनियन ने मांग की कि किसानों का धान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर निर्धारित नियमों के अनुसार समय से खरीदा जाए। खरीद केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि किसानों को उपज बेचने के दौरान अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
सरकारी बीज भंडारों की शिकायतों की जांच की मांग
भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) ने राजकीय कृषि बीज भंडार बरेली और बिथरी ब्लॉक के गोदाम प्रभारियों के संबंध में सामने आई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की। संगठन का आरोप है कि संबंधित प्रभारियों को लेकर शिकायतें किए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। यूनियन ने मामले की जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई करने तथा पात्रता और निर्धारित नियमों के आधार पर योग्य प्रभारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही कृषि विभाग की योजनाओं में पारदर्शिता बरतने और किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
गन्ना मूल्य 600 रूपये प्रति क्विंटल किया जाए
ज्ञापन में गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने की मांग भी शामिल रही। संगठन ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना चाहिए। इसके अलावा कृषि विभाग से जुड़ी लंबित शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने की मांग उठाई गई।
समस्याओं का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी
किसान यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो संगठन उनके हितों की रक्षा के लिए बड़ा आंदोलन करेगा। मंडल अध्यक्ष रनवीर सिंह फौजी ने किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई कराने की अपील की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान दुर्गा प्रसाद, नंद किशोर, साहिल पटेल, रनवीर सिंह फौजी,ओम प्रकाश शर्मा, सरस्वती, ममता, नेमवती, गोरावती, मुन्नी देवी, हरि शंकर, नरेश समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
