एसपी चीफ ने कहा -वोट चोरी रोकने को बूथों पर रहें सतर्क, संविधान और सामाजिक न्याय पर जोर
लखनऊ : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने संगठन को सक्रिय करने और मतदाता सूची की निगरानी पर जोर दिया है।पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित प्रदेश मुख्यालय में विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बूथ स्तर पर सतर्कता, अनुशासन और चुनावी तैयारियों का संदेश दिया। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव में आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस बीच, अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर ‘एक इंडिया की एक आवाज़’ कविता साझा कर लोकतंत्र, संविधान, सामाजिक न्याय और नागरिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए।
अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को दिया चुनावी संदेश
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा फर्जी वोट को अपनी ताकत समझती है और मतदाता सूची में गड़बड़ी एक गंभीर मुद्दा है। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अपने-अपने बूथों पर सतर्क रहने तथा आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटने की अपील की। उन्होंने 2027 में सरकार बनाने को पार्टी का लक्ष्य बताते हुए कहा कि चुनाव के लिए समय कम है और सभी को जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।अखिलेश यादव ने महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, परीक्षाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि प्रदेश में गरीबों और असहाय लोगों की जमीनों पर कब्जे हो रहे हैं तथा अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को अनुशासन बनाए रखने की नसीहत देते हुए कहा कि ऐसा कोई व्यवहार नहीं होना चाहिए। जिससे जनता के बीच पार्टी की छवि प्रभावित हो। उनके मुताबिक, प्रदेश में पारदर्शी प्रशासन और व्यवस्था में सुधार के लिए समाजवादी पार्टी की सरकार बनना जरूरी है।
SIR और मतदाता सूची पर उठाए सवाल
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सपा समर्थकों के वोट कटवाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सुल्तानपुर के नंदलाल निषाद और लखनऊ के सरोजनी नगर क्षेत्र के दशरथ का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उनके नाम से वोट कटवाने के लिए कथित फर्जी फॉर्म-7 भरवाए गए थे, जिन्हें सपा कार्यकर्ताओं ने पकड़ा। सपा अध्यक्ष ने पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के मताधिकार की रक्षा पर जोर देते हुए कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची की जांच करने और बूथ स्तर पर निगरानी रखने को कहा। उन्होंने भाजपा पर पीडीए वर्गों के वोट काटने की साजिश का आरोप भी लगाया।
भाजपा दोबारा सत्ता में आई,तो बुलडोजर पर सवार रहेगी
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर लोकतंत्र और संविधान की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गरीबों को बुलडोजर कार्रवाई से डराया जा रहा है और सत्ता का दुरुपयोग किया जा रहा है। उनका दावा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा को उसके शासन और कथित अनियमितताओं का जवाब देगी। उन्होंने पीडीए के साथ-साथ रोजगार, सामाजिक समानता और आम लोगों के सम्मान को भी राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनाया। भाजपा की पराजय और सपा की सत्ता में वापसी संबंधी उनके बयान राजनीतिक दावे हैं, चुनाव परिणाम नहीं।
विधान परिषद चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग से हस्तक्षेप का आग्रह
सपा प्रमुख के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपा। इसमें विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग की शिकायत की गई। ज्ञापन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर चुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए उनके दौरा कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी कराने और फुटेज के आधार पर जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई है। सपा ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक पर भी संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में सक्रिय रहकर अधिकारियों पर भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में दबाव बनाने का आरोप लगाया। पार्टी ने दोनों उपमुख्यमंत्रियों को आवास पर नजरबंद करने और चुनाव प्रचार से रोकने की मांग की है। यह मांग सपा के ज्ञापन का हिस्सा है, किसी जारी सरकारी आदेश की जानकारी नहीं।
शिक्षकों और ग्राम प्रहरियों से जुड़े कार्यक्रमों पर भी आपत्ति
ज्ञापन में मुख्यमंत्री के हालिया कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया कि इनसे विधान परिषद चुनाव के मतदाताओं को प्रभावित किया जा सकता है। पार्टी ने 12 अक्टूबर को गोरखपुर में शिक्षकों के साथ संवाद, 13 अक्टूबर को ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़ाने और चौकीदारों की भर्ती की घोषणा तथा 22 सितंबर को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपने के कार्यक्रम का जिक्र किया। सपा ने निर्वाचन आयोग के 26 दिसंबर 2016 के आदर्श आचार संहिता संबंधी निर्देशों का हवाला देते हुए मामले की जांच की मांग की। हालांकि, इन कार्यक्रमों से नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं, इसका निर्धारण संबंधित निर्देशों और परिस्थितियों की जांच के आधार पर ही किया जा सकता है।
EVM-VVPAT की जांच और मतदान केंद्रों पर सूची लगाने की मांग
समाजवादी पार्टी ने ज्ञापन में ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) में लगे इंजीनियरों तथा कर्मचारियों के नाम और मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने की मांग की है।पार्टी का आरोप है कि प्रयागराज सहित कुछ जिलों में जानकारी मांगे जाने पर अधिकारियों ने सूची उपलब्ध नहीं कराई। इसके अलावा, विधान परिषद चुनाव के मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सूची चस्पा करने की मांग की गई, ताकि मतदान प्रक्रिया पारदर्शी रहे और वैध मतदाता ही अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह शामिल बताए गए हैं। पार्टी ने शिकायतों पर जल्द कार्रवाई का आग्रह किया है।
‘एक इंडिया की एक आवाज़’ कविता से एकजुटता का संदेश
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर ‘एक इंडिया की एक आवाज़’ शीर्षक से कविता साझा की। इसमें चुनावी धांधली के विरोध,लोकतंत्र की रक्षा, संविधान और आरक्षण के अधिकारों तथा सामाजिक समानता की बात कही गई है। कविता में रोजगार, रोजी-रोटी, आवास, किसानों और कारोबारियों के हित, युवाओं के सपनों, महिला सम्मान तथा शोषित-वंचित वर्गों के उत्थान का उल्लेख है। उन्होंने भेदभाव रहित समाज और प्रत्येक नागरिक को अधिकार मिलने की कामना भी व्यक्त की।
कविता की प्रमुख पंक्तियां हैं
‘देश’ की ख़ातिर सब हैं साथ,
एक इंडिया की एक आवाज़।
‘चुनावी धांधली’ के ख़िलाफ़,
एक इंडिया की एक आवाज़।
‘लोकतंत्र’ की बन रही ढाल,
एक इंडिया की एक आवाज़।
संविधान-आरक्षण के रक्षार्थ,
एक इंडिया की एक आवाज़।
2027 के लिए बूथ प्रबंधन और सामाजिक मुद्दों पर जोर
एसपी चीफ अखिलेश यादव के संबोधन, श्याम लाल पाल के ज्ञापन और सोशल मीडिया संदेश से स्पष्ट है कि समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची, चुनावी पारदर्शिता, बूथ प्रबंधन और सामाजिक न्याय को प्रमुख मुद्दों के रूप में उठा रही है। पार्टी ने कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने और जनता के बीच सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया है।
