रामलीला मेला कमेटी के हिसाब-किताब को लेकर हुई थी रंजिश, तीन लोगों की मौत के बाद सड़क पर उतरे परिजन; करीब 15 मिनट तक बाधित रहा हरिद्वार हाईवे पर आवागमन
पीलीभीत : अमरिया कस्बे में रामलीला मेला कमेटी के रुपये के हिसाब-किताब को लेकर चल रही रंजिश ने खूनी रूप ले लिया। ताबड़तोड़ फायरिंग में तीन लोगों की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित परिजनों ने हरिद्वार हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया और आरोपियों के एनकाउंटर के साथ उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग उठाई। स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के कार्रवाई के आश्वासन के बाद करीब 15 मिनट में जाम खुलवाया गया।
हिसाब-किताब के विवाद में तीन लोगों की मौत
जानकारी के मुताबिक, रामलीला मेला कमेटी के आय-व्यय और अध्यक्षता को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी समय से तनातनी चल रही थी। आरोप है कि कौशल गुप्ता पक्ष की ओर से वर्तमान मेला अध्यक्ष चंद्रप्रकाश गुप्ता से करीब चार साल के हिसाब-किताब की मांग की जा रही थी। बताया गया कि पिछले साल भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। उस समय एक जनप्रतिनिधि के हस्तक्षेप से समझौता करा दिया गया था, लेकिन इस बार विवाद नहीं सुलझ सका। आरोप है कि सोमवार रात सिटी गेट के पास फायरिंग की गई। गोली लगने से अंकित गुप्ता और वहां से गुजर रहे 15 वर्षीय कुणाल श्रीवास्तव की मौत हो गई। अंकित के भाई मोहित गुप्ता ने भी बरेली ले जाते समय दम तोड़ दिया। घटना में एक अन्य युवक के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी है।
गुस्साए परिजनों ने हरिद्वार हाईवे किया जाम
तीन लोगों की मौत के बाद पीड़ित परिवार के लोग कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए। बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष थाने जाने वाले मोड़ पर जमा हो गए। इसके चलते हरिद्वार हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब 15 मिनट तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। प्रदर्शन के दौरान कुछ आक्रोशित महिलाओं ने वाहनों को घेर लिया और उन्हें थपथपाने लगीं। इससे वाहन सवार राहगीरों में दहशत का माहौल बन गया। जाम की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया।
थाना प्रभारी से हुई नोकझोंक, एएसपी ने संभाला मोर्चा
प्रदर्शन के दौरान थाना प्रभारी अमित सिंह की पीड़ित परिवार के लोगों से नोकझोंक भी हुई। मामला बढ़ता देख एएसपी हिमांशु गौरव मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों के समझाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम खोल दिया और लोग अपने घरों को लौट गए। हालांकि, घटना के बाद कस्बे में तनाव बना हुआ है।
आरोपियों के एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उनकी मांग थी कि आरोपियों का एनकाउंटर किया जाए और उनके घरों पर बुलडोजर चलाया जाए। तिहरे हत्याकांड से नाराज परिवार के लोगों ने आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग भी उठाई। ये मांगें आक्रोशित परिजनों की ओर से की गई हैं। प्रशासन की ओर से इन मांगों पर किसी अंतिम निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।
अमरिया में भारी पुलिस बल तैनात, बाजार में भी दिखा असर
घटना के बाद अमरिया कस्बे में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एहतियात के तौर पर पीलीभीत समेत तीन जिलों की पुलिस फोर्स तैनात की गई है। मृतकों और आरोपियों के घरों के बाहर पुलिस का पहरा है। मुख्य मार्ग के करीब सौ मीटर के दायरे में दोनों पक्षों के घर होने के कारण पुलिस विशेष सतर्कता बरत रही है। कस्बे के बाजार में कुछ दुकानें बंद रहीं। पुलिसकर्मी अलग-अलग टुकड़ियों में तैनात होकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं। तिहरे हत्याकांड के बाद अमरिया में तनावपूर्ण माहौल है। परिजनों की मांगों और पुलिस की कार्रवाई के बीच प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बनी हुई है।
रिपोर्ट: ऋतिक द्विवेदी
