बरेली : नगर निगम में विकास कार्यों से जुड़ी फाइलों और आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में देरी के मामले में कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। समीक्षा के दौरान कई मामले लंबे समय से लंबित मिलने के बाद पांच बाबुओं का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है। वहीं चार आउटसोर्सिंग कंप्यूटर ऑपरेटरों समेत 19 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को लंबित मामलों का समय से निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने की थी IGRS मामलों की समीक्षा
आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण को लेकर डीएम अविनाश सिंह ने समीक्षा बैठक की थी। इसमें नगर निगम से संबंधित शिकायतों के निस्तारण में देरी और लापरवाही के मामले सामने आए। इसके बाद नगर निगम स्तर पर आईजीआरएस से जुड़े 194 फीडबैक की समीक्षा की गई। इनमें 124 फीडबैक की रिपोर्ट निगेटिव मिली। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से जवाब-तलब किया।
विकास कार्यों की फाइलें भी मिलीं लंबित
नगर निगम में विकास कार्यों से जुड़ी फाइलों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान कुछ फाइलें दो से तीन महीने तक लंबित मिलीं।फाइलों को समय पर आगे नहीं बढ़ाने के मामले में पांच बाबुओं पर कार्रवाई की गई और उनका वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा चार आउटसोर्सिंग कंप्यूटर ऑपरेटरों समेत कुल 19 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
दो सहायक अभियंताओं को चेतावनी
समीक्षा के दौरान दो सहायक अभियंताओं को भी चेतावनी दी गई। मुख्य अभियंता ने निर्देश दिए कि विकास कार्यों की फाइलों और आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों और कर्मचारियों को लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
लंबित मामलों की होगी निगरानी
नगर निगम स्तर पर हुई कार्रवाई के बाद अब लंबित फाइलों और आईजीआरएस शिकायतों की निगरानी पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि शिकायतों और विकास कार्यों से संबंधित फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और निर्धारित समयसीमा में उनका निस्तारण किया जाए।
