बसपा प्रमुख ने संगठन विस्तार के लिए देश को तीन सेक्टर में बांटा, बाढ़ प्रभावित राज्यों में पार्टी कार्यकर्ताओं से मदद करने की अपील
लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए देशभर के संगठनात्मक कामकाज को तीन सेक्टर में बांटने का ऐलान किया है। इसके तहत उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को सेक्टर नंबर तीन में रखा गया है। इन दोनों राज्यों की निगरानी लखनऊ स्थित पार्टी के केंद्रीय कैंप कार्यालय से मायावती स्वयं करेंगी। मायावती ने रविवार को सामाजिक माध्यम पर छह बिंदुओं में जानकारी साझा करते हुए कहा कि संगठन को मजबूत करने और सर्वसमाज में पार्टी का जनाधार बढ़ाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है।
पहले सेक्टर में 10 राज्यों की जिम्मेदारी
मायावती के मुताबिक, सेक्टर नंबर एक में 10 राज्यों को रखा गया है। इन राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक कार्यों की जिम्मेदारी राज्यसभा सदस्य रामजी गौतम और सुरेश राव को केंद्रीय सेक्टर प्रभारी के तौर पर दी गई है। दोनों प्रभारी अपने-अपने सेक्टर में संगठन को मजबूत करने और पार्टी के कामकाज की निगरानी करेंगे।
दूसरे सेक्टर में नौ राज्य
सेक्टर नंबर दो में नौ राज्यों को शामिल किया गया है। इसकी जिम्मेदारी पूर्व राज्यसभा सदस्य राजाराम और पूर्व विधायक अतर सिंह राव को सौंपी गई है। दोनों नेता केंद्रीय सेक्टर प्रभारी के तौर पर संबंधित राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक कार्य देखेंगे। मायावती ने चारों केंद्रीय सेक्टर प्रभारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने और पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लिए काम करने को कहा है।
यूपी-उत्तराखंड की निगरानी खुद करेंगी मायावती
तीसरे सेक्टर में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को रखा गया है। इन दोनों राज्यों का काम लखनऊ स्थित बसपा के केंद्रीय कैंप कार्यालय से सीधे देखा जाएगा और मायावती स्वयं इसकी निगरानी करेंगी। यह फैसला उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आगामी चुनावी तैयारियों के बीच संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद की अपील
मायावती ने देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, आंधी और बाढ़ से प्रभावित लोगों की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने सेक्टर प्रभारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं से प्रभावित राज्यों में अपनी क्षमता के अनुसार लोगों की सहायता करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदा के कारण जान-माल का नुकसान हुआ है, वहां जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई जानी चाहिए। मायावती ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय प्रभारी ईशान आनंद को प्रभावित राज्यों में भेजा जा सकता है। यूपी और उत्तराखंड पर वह खुद नजर रखेंगी और जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा भी कर सकती हैं।
महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त किसानों के लिए भी अपील
बसपा प्रमुख ने महाराष्ट्र के कई इलाकों में सूखे की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने सूखे से प्रभावित लोगों और खासकर किसानों के लिए राज्य सरकार से केवल औपचारिक कार्रवाई के बजाय जमीनी स्तर पर राहत पहुंचाने की अपील की। उन्होंने केंद्र सरकार से भी अधिक प्रभावित राज्यों की सरकारों को समय पर पूरी सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
संगठन विस्तार पर मायावती का फोकस
बसपा की नई सेक्टर व्यवस्था का उद्देश्य देशभर में संगठन को मजबूत करना और पार्टी का जनाधार बढ़ाना बताया गया है। नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी केंद्रीय सेक्टर प्रभारियों को दी गई है, जबकि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की निगरानी मायावती स्वयं करेंगी।
