विधानसभा चुनाव में छह माह से कम समय बाकी, सीएम योगी के बाद भाजपा के बड़े नेता संभालेंगे मोर्चा; मेरठ से चुनावी अभियान शुरू करने की तैयारी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अब छह माह से भी कम समय बचा है। फरवरी-मार्च 2027 में संभावित विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियों को जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार जिलों में विकास योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के जरिए माहौल बनाने में जुटे हैं। विपक्ष के जातीय समीकरण को चुनौती देने के लिए मुख्यमंत्री योगी विकास और हिंदुत्व के मुद्दों के साथ पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल की कानून-व्यवस्था और कथित गड़बड़ियों को भी जनता के बीच उठा रहे हैं। वहीं भाजपा सुशासन, विकास और कानून-व्यवस्था को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है।
सितंबर से चुनावी अभियान का आगाज
भाजपा ने सितंबर से प्रदेश में चुनावी अभियान को गति देने की तैयारी की है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के उत्तर प्रदेश दौरे प्रस्तावित हैं। इसके अलावा प्रदेश भाजपा प्रभारी विनोद तावड़े के भी दोबारा उत्तर प्रदेश आने की चर्चा है। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश से चुनावी अभियान की शुरुआत करने की तैयारी है। वहीं बीएल संतोष लखनऊ पहुंचकर संगठनात्मक तैयारियों का जायजा लेंगे।
मेरठ से अभियान शुरू करेंगे नितिन नवीन
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के मेरठ से चुनावी अभियान की शुरुआत करने की तैयारी है। इसके बाद वह प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों का दौरा करेंगे। पार्टी के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। भाजपा पहले भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश से अपने चुनावी अभियान की शुरुआत करती रही है। ऐसे में नितिन नवीन का मेरठ दौरा संगठन को चुनावी मोड में लाने की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
10 और 11 सितंबर को लखनऊ आएंगे बीएल संतोष
राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष 10 और 11 सितंबर को लखनऊ दौरे पर आने वाले हैं। इस दौरान वह भाजपा के संगठनात्मक स्तर पर चल रही चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेंगे।बैठकों में बूथ और शक्ति केंद्र स्तर तक संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और चुनावी अभियान को गति देने पर चर्चा की तैयारी है। इसके अलावा मीडिया और सामाजिक माध्यमों की रणनीति पर भी विशेष जोर रहने की संभावना है। विपक्षी दलों ने सामाजिक माध्यमों पर अपनी सक्रियता बढ़ाई है। ऐसे में बीएल संतोष के दौरे के दौरान विपक्ष के हमलों का जवाब देने और भाजपा की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा हो सकती है।
अमित शाह भी संभालेंगे चुनावी मोर्चा
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के भी इसी महीने उत्तर प्रदेश दौरे का कार्यक्रम प्रस्तावित है। अमित शाह वर्ष 2013 से उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और उनके नेतृत्व में भाजपा ने प्रदेश में बड़ी राजनीतिक सफलता हासिल की थी। अब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले एक बार फिर अमित शाह के प्रदेश के राजनीतिक मैदान में उतरने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व की कोशिश प्रदेश के राजनीतिक माहौल को भाजपा के पक्ष में मजबूत करने की होगी।
चुनावी मोड में हैं मुख्यमंत्री योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले से ही चुनावी मोड में नजर आ रहे हैं। वह मंडल स्तर के साथ लगातार जिलों के दौरे कर रहे हैं। इस दौरान उनके भाषणों में विकास, कानून-व्यवस्था और पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार का कार्यकाल प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी सपा सरकार के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति का जिक्र करते हुए भाजपा सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रख रहे हैं। आने वाले दिनों में उनके दौरे और अधिक सघन होने की उम्मीद है।
मोर्चों के गठन की भी तैयारी
भाजपा ने हाल ही में प्रदेश और क्षेत्रीय टीमों की घोषणा की है। अब पार्टी जल्द ही विभिन्न मोर्चों के गठन की तैयारी में जुटी है। इसके साथ ही बूथ और शक्ति केंद्र स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की मुहिम भी तेज की जा रही है। संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के साथ पार्टी चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दे रही है। प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और सह प्रभारी जगदीश भाई पटेल दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को लखनऊ पहुंचे थे। हालांकि, इस दौरान पदाधिकारियों की बैठक नहीं हुई।
भाजपा ने तेज की मिशन 2027 की तैयारी
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा अब संगठन से लेकर सरकार तक चुनावी तैयारियों को तेज करने में जुट गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहां विकास योजनाओं और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर लगातार जनता के बीच पहुंच रहे हैं, वहीं पार्टी के बड़े नेता संगठन और चुनावी रणनीति को धार देने की तैयारी में हैं। सितंबर में नितिन नवीन, बीएल संतोष और अमित शाह के प्रस्तावित दौरों के बाद भाजपा के चुनावी अभियान में और तेजी आने की संभावना है।
