ईशान आनंद को मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाकर उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों की जिम्मेदारी, आकाश आनंद की वापसी के कयासों पर लगा विराम
लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी में संगठन को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। बसपा प्रमुख मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाकर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों का प्रभार दिया गया है। वह संगठन के कामकाज की समीक्षा करने के बाद मायावती को रिपोर्ट करेंगे। पार्टी के इस फैसले को युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने और जेन-जी वर्ग के बीच संगठन की पकड़ मजबूत करने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
आकाश की जगह ईशान को आगे बढ़ाने की रणनीति
बसपा में ईशान आनंद को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने के पीछे जेन-जी को एक प्रमुख वजह माना जा रहा है। राजनीतिक जानकार इसे मायावती की ओर से युवा वर्ग को पार्टी से जोड़ने की कोशिश के तौर पर देख रहे हैं। ईशान को आगे लाकर पार्टी की ओर से यह संदेश देने की कोशिश मानी जा रही है कि संगठन में युवा नेतृत्व को भी महत्वपूर्ण भूमिका दी जा रही है। साथ ही आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाए जाने के बाद उनके समर्थकों में पैदा हुई नाराजगी को कम करने की कोशिश के रूप में भी इस बदलाव को देखा जा रहा है। दरअसल, आकाश आनंद युवा वर्ग के बीच अपनी सक्रिय राजनीतिक शैली के कारण लोकप्रिय होते जा रहे थे। ऐसे में उनके स्थान पर ईशान को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देना बसपा की नई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
ईशान आनंद को उत्तर भारत की जिम्मेदारी
बसपा में मायावती ने ईशान आनंद को मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाया है। उन्हें उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में संगठन की जिम्मेदारी दी गई है। ईशान संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करेंगे और इसकी रिपोर्ट सीधे मायावती को देंगे। इस नई जिम्मेदारी के बाद पार्टी में उनकी भूमिका पहले की तुलना में काफी महत्वपूर्ण हो गई है। वहीं, इस बदलाव के बाद आकाश आनंद की सक्रिय राजनीति में वापसी की संभावनाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। उनके समर्थक हालांकि लगातार उनकी वापसी की मांग कर रहे हैं।
कई पदाधिकारियों का भी बढ़ा कद
मायावती ने संगठन में कई अन्य पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां भी बढ़ाई हैं। हाल ही में पार्टी से बाहर किए गए रणधीर सिंह बेनीवाल की वापसी के बाद उन्हें पहले की तरह सहारनपुर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर का प्रभारी बनाया गया है। इसी तरह राष्ट्रीय समन्वयक रामजी गौतम और लालाराम को भी कई अन्य राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा विपुल कुमार को हरियाणा का प्रभारी बनाया गया है। इन बदलावों को बसपा के संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
कारोबार संभाल रहे थे ईशान आनंद
सक्रिय राजनीति में आने से पहले ईशान आनंद अपने पिता आनंद कुमार का कारोबार संभाल रहे थे। उन्होंने अपने बड़े भाई आकाश आनंद की तरह लंदन में पढ़ाई की है। करीब 27 वर्षीय ईशान को मायावती ने पिछले साल अपने जन्मदिन के मौके पर पार्टी के प्रमुख लोगों से मिलवाया था। इसके बाद से ही उनके राजनीति में आने की अटकलें तेज हो गई थीं। ईशान की शादी पिछले वर्ष 24 अप्रैल को हरियाणा में नोएडा के एक कारोबारी की बेटी राधिका खन्ना से हुई थी। इस विवाह समारोह में मायावती भी शामिल हुई थीं।
‘उम्मीदों का आकाश’ ट्रेंड होने से बढ़ी हलचल
आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाए जाने के बाद उनके समर्थकों में निराशा देखी गई। सोशल मीडिया पर भी उनकी वापसी की मांग लगातार उठती रही। रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर आकाश आनंद के समर्थन में ‘उम्मीदों का आकाश’ नाम से अभियान चलने लगा। इसके बाद पार्टी के भीतर भी हलचल बढ़ने की चर्चा है। बताया गया कि रविवार देर शाम पार्टी प्रदेश कार्यालय में हुई बैठक के दौरान ईशान आनंद को मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाने का फैसला लिया गया।
बसपा में नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने का संकेत
ईशान आनंद को महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारी दिए जाने के बाद बसपा में युवा नेतृत्व को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पार्टी संगठन में कई पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव के साथ ईशान को उत्तर भारत का बड़ा प्रभार दिया जाना आने वाले समय की राजनीतिक रणनीति का संकेत माना जा रहा है। वहीं, आकाश आनंद के समर्थकों की प्रतिक्रिया और उनकी भविष्य की भूमिका पर भी राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।
