‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ के विजन दस्तावेज में ग्रामीण विकास पर जोर, हर पंचायत को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने और गांवों में रोजगार व बेहतर सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य
लखनऊ: स्वतंत्रता के 100वें वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को पूर्ण विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ तैयार किए गए ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ के विजन दस्तावेज में ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास को प्रमुखता दी गई है। सरकार प्रदेश की सभी 57,694 ग्राम पंचायतों को स्मार्ट बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ेगी। इसके तहत गांवों में बेहतर डिजिटल सुविधाएं, 24 घंटे बिजली, सुरक्षित सड़कें और शासन की सेवाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित करने की योजना तैयार की गई है।
सभी ग्राम पंचायतों को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य
नीति आयोग के सहयोग से नियोजन विभाग ने ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ का विजन दस्तावेज तैयार किया है। सरकार की ओर से विजन दस्तावेज जारी किए जाने के बाद संबंधित विभाग निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में काम करेंगे। दस्तावेज में ग्राम पंचायतों को विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ स्मार्ट और आत्मनिर्भर बनाने की रणनीति पर विशेष जोर दिया गया है। इसके लिए ‘स्मार्ट ग्राम मिशन’ को प्रमुखता से शामिल किया गया है, जिसके तहत प्रत्येक पंचायत को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने की व्यापक योजना तैयार की गई है।
गांवों में हाई-स्पीड इंटरनेट और वाई-फाई की सुविधा
योजना के तहत ग्राम पंचायतों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने के लिए प्रकाशीय तंतु केबल बिछाई जाएगी। सार्वजनिक स्थानों पर वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही कम आबादी वाले और दूरदराज के गांवों में उपग्रह आधारित इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है। वर्ष 2029-30 तक प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों तक प्रकाशीय तंतु केबल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में करीब 76.43 प्रतिशत ग्राम पंचायतों तक यह सुविधा पहुंच चुकी है।
2029-30 तक 23 घंटे और 2035-36 तक 24 घंटे बिजली
विजन दस्तावेज में ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को भी प्रमुख लक्ष्य बनाया गया है। वर्तमान में गांवों में प्रतिदिन करीब 20 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2029-30 तक ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को बढ़ाकर 23 घंटे प्रतिदिन और वर्ष 2035-36 तक 24 घंटे प्रतिदिन करने का है। इसके साथ ही वर्ष 2029-30 तक ग्रामीण क्षेत्रों में हर मौसम में सुरक्षित आवागमन के लिए बेहतर सड़कों की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
हर ग्रामीण परिवार को पक्का घर देने का लक्ष्य
विजन दस्तावेज में ग्रामीण आवास को भी प्राथमिकता दी गई है। वर्ष 2029-30 तक प्रदेश के सभी ग्रामीण परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में प्रदेश के करीब 99 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों के पास पक्का घर होने की बात दस्तावेज में कही गई है। शेष परिवारों को भी पक्के आवास की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
गांवों में ही मिलेंगी शासन की सेवाएं और रोजगार के अवसर
सरकार की योजना है कि ग्रामीणों को शासन से जुड़ी अधिकतर सेवाओं, शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों के लिए गांव से बाहर न जाना पड़े। इसके लिए ग्राम पंचायतों के ग्राम सचिवालय को एकल खिड़की प्रशासनिक कार्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। डिजिटल माध्यमों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधाओं को भी मजबूत करने की योजना है। पंचायत कार्यालयों को बहुउद्देश्यीय उपयोगिता केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
डिजिटल स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं पर जोर
प्रस्तावित केंद्रों के माध्यम से डिजिटल स्वास्थ्य अभिलेख, स्वास्थ्य पहचान पत्र और ई-संजीवनी जैसी सेवाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने की योजना है। डिजिटल स्वास्थ्य डेस्क के माध्यम से ग्रामीणों को समय पर चिकित्सीय परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। पंचायत केंद्रों को सुरक्षित डिजिटल परीक्षा केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में अपने गांव से ही शामिल हो सकेंगे।
ग्रामीण विकास के पांच प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस
विजन दस्तावेज में ग्रामीण विकास के लिए पांच प्रमुख क्षेत्रों को केंद्र में रखा गया है। इनमें सेवा वितरण को मजबूत करना, बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास, रोजगार के अवसर बढ़ाना, शासन की सेवाओं को बेहतर बनाना और स्थायी विकास शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को केवल बुनियादी सुविधाओं से जोड़ना नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक और डिजिटल रूप से भी आत्मनिर्भर बनाना है।
एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2029-30 तक प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और गांवों में ही शिक्षा, कौशल, स्वास्थ्य, रोजगार तथा शासन की सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ के विजन दस्तावेज में तय किए गए लक्ष्यों के जरिए सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को प्रदेश की समग्र आर्थिक प्रगति से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है।
