फुकेट-दिल्ली उड़ान के मुख्य पायलट की जांच में मादक पदार्थ की पुष्टि, विमान में सवार 145 लोगों में से 24 को मिली थी चिकित्सकीय मदद; चार यात्री गंभीर रूप से घायल हुए थे
नई दिल्ली: एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली उड़ान से जुड़े मामले में बड़ी जानकारी सामने आई है। विमान के मुख्य पायलट की जांच में मादक पदार्थ के सेवन की पुष्टि हुई है। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो की जांच में सामने आए इस तथ्य के बाद एयर इंडिया ने पायलट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी नौकरी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है।
जांच में मादक पदार्थ की पुष्टि
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने बताया कि एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली उड़ान के मुख्य पायलट की जांच में मादक पदार्थ से जुड़े पदार्थ की मौजूदगी की पुष्टि हुई। जांच एजेंसी ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताया है। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो के मुताबिक मामले की पुष्टि के लिए की गई जांच में मुख्य पायलट की मादक पदार्थ संबंधी रिपोर्ट नकारात्मक नहीं पाई गई। एजेंसी ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से प्राथमिकता के आधार पर उचित कार्रवाई की सिफारिश भी की।
एयर इंडिया ने तुरंत खत्म की पायलट की नौकरी
मामले के सामने आने के बाद एयर इंडिया ने पायलट के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की। एयर इंडिया के प्रवक्ता के अनुसार, फुकेट-दिल्ली उड़ान के पायलट-इन-कमांड की जांच में मादक पदार्थ पाया गया। प्रवक्ता ने कहा कि सुरक्षा, उड़ान के लिए फिटनेस और नियमों के उल्लंघन के मामलों में एयर इंडिया की शून्य-सहिष्णुता नीति है। इसी नीति के तहत पायलट की नौकरी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई।
फ्लाइट में सवार थे 145 लोग
फुकेट से दिल्ली के लिए संचालित होने वाली एयर इंडिया की एआई 2379 उड़ान एयरबस ए320-251एन विमान से संचालित की जा रही थी। विमान का पंजीकरण नंबर वीटी-ईएक्सओ था। विमान में दो पायलट और चालक दल के छह सदस्यों समेत कुल 145 लोग सवार थे। दिल्ली हवाई अड्डे पर विमान के उतरने के बाद 24 लोगों को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई थी। इनमें से चार लोगों को गंभीर चोटें आने की जानकारी सामने आई थी।
टर्बुलेंस के बाद दुर्घटना श्रेणी में रखा गया मामला
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने बताया कि शुरुआत में उसे सूचना मिली थी कि फुकेट से दिल्ली की उड़ान के दौरान विमान को तेज हवा के झटकों यानी टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा था। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और विमान में सवार लोगों को लगी चोटों के आकलन के आधार पर इस घटना को दुर्घटना की श्रेणी में रखा गया।
दोनों पायलटों से अलग-अलग हुई पूछताछ
जांच एजेंसी मामले से जुड़े अलग-अलग पक्षों से मिले आंकड़ों और रिकॉर्ड की जांच कर रही है। जांच दल ने दिल्ली हवाई अड्डे पर चालक दल और उड़ान दल के सदस्यों से बातचीत की। इसके बाद उड़ान दल के दोनों सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ भी की गई। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो की जांच में अब मुख्य पायलट के मादक पदार्थ सेवन की पुष्टि सामने आने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। जांच एजेंसी द्वारा मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल जारी है।
