प्लेसमेंट सेल के सभागार में चल रहा था शिक्षक संघ का कार्यक्रम, कुलपति को बाहर ले जाते समय कार्यकर्ताओं ने रोकने की कोशिश की, सुरक्षा कर्मियों ने संभाला मोर्चा
बरेली : महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में रविवार को कुलपति प्रो. कृष्ण पाल सिंह के विदाई समारोह के दौरान अचानक हंगामे की स्थिति बन गई। कुलपति के कार्यकाल की समाप्ति से एक दिन पहले आयोजित कार्यक्रम के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हो गई।
शिक्षक संघ के कार्यक्रम के दौरान नारेबाजी
बताया गया कि विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट सेल के सभागार में शिक्षक संघ की ओर से कुलपति प्रो. कृष्ण पाल सिंह के सम्मान में विदाई कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान एबीवीपी कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। अचानक नारेबाजी होने से कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण हो गया। नारेबाजी को लेकर कार्यक्रम में मौजूद लोगों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच बहस होने लगी। देखते ही देखते स्थिति काफी गरमा गई।
कुलपति को बाहर ले जाने लगे सुरक्षाकर्मी
माहौल बिगड़ता देख विश्वविद्यालय के शिक्षक और सुरक्षाकर्मी कुलपति प्रो. कृष्ण पाल सिंह को सभागार से सुरक्षित बाहर ले जाने लगे। इसी दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। हालांकि विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल स्थिति को संभाल लिया और कुलपति को वहां से बाहर ले जाया गया। घटना के दौरान किसी गंभीर अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
कार्यकर्ताओं की नारेबाजी से बिगड़ा माहौल
कुलपति के विदाई कार्यक्रम के दौरान हुए हंगामे से विश्वविद्यालय परिसर में कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति रही। सुरक्षा कर्मियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति नियंत्रण में आई। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बढ़ाई गई।
कार्यकाल खत्म होने से एक दिन पहले विवाद
प्रो. कृष्ण पाल सिंह के कुलपति पद के कार्यकाल की समाप्ति से ठीक एक दिन पहले यह घटनाक्रम सामने आया है। ऐसे में विदाई समारोह के दौरान हुए हंगामे ने विश्वविद्यालय की गतिविधियों को लेकर चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, हंगामे की वजह और एबीवीपी कार्यकर्ताओं की ओर से उठाए गए मुद्दों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन या संबंधित पक्ष की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नारेबाजी के बाद विवाद बढ़ा और कुलपति को बाहर ले जाते समय धक्का-मुक्की हुई, जिसे सुरक्षाकर्मियों ने संभाल लिया।
