पीलीभीत : हजारा थाना क्षेत्र के शांतिनगर गांव की सीमा में शुक्रवार शाम खेत पर फसल देखने गए 60 वर्षीय किसान मुंशी प्रसाद पर बाघ ने हमला कर दिया। बताया गया कि अचानक झाड़ियों से निकले बाघ ने किसान को दबोच लिया और खींचकर पास के गन्ने के खेत में ले गया। काफी देर तक किसान के घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान किसान गंभीर रूप से घायल हालत में गन्ने के खेत में मिले। ग्रामीण उन्हें इलाज के लिए लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
शाम पांच बजे खेत पर गए थे मुंशी प्रसाद
शांतिनगर गांव निवासी मुंशी प्रसाद पुत्र चोभीलाल का गांव की सीमा में ही खेत है। खेत में केले की फसल खड़ी है। परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार शाम करीब पांच बजे मुंशी प्रसाद फसल देखने के लिए खेत पर गए थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया। ग्रामीणों के मुताबिक, हमला करने के बाद बाघ किसान को खींचकर पास के गन्ने के खेत में ले गया। घटना की जानकारी तत्काल किसी को नहीं हो सकी।
तलाश करने पहुंचे ग्रामीण, गन्ने के खेत में मिले घायल
मुंशी प्रसाद के काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर उनकी तलाश शुरू की। ग्रामीण जब खेत की ओर पहुंचे तो वहां एक पैर जख्मी हालत में पड़ा मिला। इसके बाद ग्रामीणों ने आसपास के खेतों में तलाश तेज कर दी। काफी खोजबीन के बाद मुंशी प्रसाद गन्ने के खेत में गंभीर रूप से घायल हालत में मिले। उनके शरीर पर बाघ के हमले के निशान बताए गए हैं।
अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम
घटना की जानकारी मिलते ही हजारा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों की मदद से घायल किसान को खेत से बाहर निकाला गया। परिजनों के मुताबिक, उस समय मुंशी प्रसाद की सांसें चल रही थीं। ग्रामीण और परिजन उन्हें तत्काल इलाज के लिए लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। किसान की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। शव रखकर ग्रामीणों ने लगाया जाम, बाघ पकड़ने की मांग किसान की मौत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने शव को गांव के तिराहे पर रखकर जाम लगा दिया। उनकी मांग थी कि वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंचे और इलाके में घूम रहे बाघ को पकड़ने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए। सूचना के बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। संपूर्णानगर रेंजर ललित कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही टीम के साथ मौके पर पहुंचकर बाघ की निगरानी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है। बाघ के हमले में किसान की मौत के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने खेतों में काम करने और फसल देखने जाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
