इस्लामिया मैदान में मंच,पेयजल, शौचालय, बैरिकेडिंग और लंगर व्यवस्था का निरीक्षण, जुलूसों में डीजे पर रोक और तय रूट का पालन करने की अपील, 108वें उर्स पर शुरू हुई वैश्विक पौधारोपण मुहिम
बरेली : 108वें उर्स-ए-रज़वी की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। शुक्रवार को जिलाधिकारी (डीएम) अविनाश सिंह और.वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उर्स स्थल इस्लामिया मैदान का विस्तृत निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं, दरगाह आला हज़रत की ओर से उर्स के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए “एक पौधा आला हज़रत के नाम” अभियान की शुरुआत की गई, जिसे देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी व्यापक समर्थन मिलने का दावा किया गया है। निरीक्षण के दौरान डीएम और एसएसपी ने इस्लामिया मैदान में मंच,पेयजल, शौचालय, वॉच टॉवर, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, लंगर स्थल और प्रवेश-निकास द्वारों का निरीक्षण किया। नगर आयुक्त संजीव मौर्य को सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कराने के निर्देश दिए गए। दरगाह कमेटी के पदाधिकारियों ने पेयजल, सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सीवर से जुड़ी समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराया।जिनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया।
चादर जुलूस, और लंगर व्यवस्था की चर्चा
इसके बाद बिहारीपुर चौकी में डीएम, एसएसपी और दरगाह कमेटी के पदाधिकारियों के बीच बैठक हुई। बैठक में उर्स के दौरान निकलने वाले चादर जुलूस, लंगर व्यवस्था, साफ -सफाई और सुरक्षा व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन ने जुलूस आयोजकों से अपील की कि वे डीजे का इस्तेमाल न करें और पूर्व निर्धारित मार्गों का ही पालन करें। साथ ही लंगर कमेटियों से साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। बैठक में हाजी जावेद खान, नासिर कुरैशी, अजमल नूरी और शाहिद नूरी से जुलूस एवं लंगर व्यवस्था की जानकारी ली गई। दरगाह की ओर से ताहिर अल्वी, मंजूर रज़ा, परवेज़ नूरी, औरंगजेब नूरी और नईम नूरी मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से पुलिस अधीक्षक नगर मानुष पारिख, पुलिस अधीक्षक यातायात अकमल खान सहित नगर निगम, विद्युत विभाग और अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।
‘एक पौधा आला हज़रत के नाम” अभियान का आगाज
इसी बीच उर्स-ए-रज़वी के अवसर पर दरगाह आला हज़रत और ताजुश्शरिया से जुड़ी संस्थाओं ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर “एक पौधा आला हज़रत के नाम” अभियान शुरू किया है। इस अभियान का संचालन जमाअत रज़ा-ए-मुस्तफ़ा एवं आला हज़रत ताजुश्शरिया वेलफेयर सोसाइटी के राष्ट्रीय महासचिव फ़रमान हसन ख़ान (फ़रमान मियां) की देखरेख में किया जा रहा है। फ़रमान मियां ने देश-विदेश में रहने वाले अकीदतमंदों, उलेमा, इमामों, मदरसों, मस्जिदों और सामाजिक संगठनों से अपने-अपने क्षेत्रों में पौधारोपण करने की अपील की है। उनका कहना है कि जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और घटते वन क्षेत्र जैसी चुनौतियों के बीच पौधारोपण सामाजिक ही नहीं बल्कि इंसानियत के प्रति जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। फ़रमान मियां ने कहा कि उर्स-ए-रज़वी के दौरान देशभर से आने वाले उलेमा अपनी तकरीरों में पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण का संदेश देंगे।
मदरसों, मरकज़ में भी पौधारोपण
मरकज़ से जुड़े मदरसे, मस्जिदें और सामाजिक संगठन भी विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित करेंगे ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें। जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा के पूर्व प्रवक्ता समरान खान ने बताया कि फ़रमान मियां की अपील का असर पहले ही दिखाई देने लगा है। उनके अनुसार भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ कई देशों में रहने वाले अकीदतमंदों ने बड़ी संख्या में पौधे लगाए हैं और उर्स के दौरान इस अभियान के और अधिक विस्तार की संभावना है। दरगाह प्रबंधन का कहना है कि इस वर्ष उर्स-ए-रज़वी केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बेहतर प्रशासनिक व्यवस्थाओं,स्वच्छता, अनुशासित आयोजन और पर्यावरण संरक्षण जैसे सामाजिक संदेशों के माध्यम से समाज में सकारात्मक जागरूकता फैलाने का भी माध्यम बनेगा।
