संसद परिसर में साधु बने पप्पू यादव का प्रदर्शन, राहुल गांधी भी हुए शामिल, अमित शाह के इस्तीफे की मांग
राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और छात्रों पर कार्रवाई के मुद्दे पर इंडिया ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन
नई दिल्ली: निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने शुक्रवार को साधु के वेश में संसद परिसर में अनोखा प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत इंडिया ब्लॉक के कई सांसद शामिल हुए। विपक्ष ने अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार को घेरा।
अमित शाह के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। सांसदों ने “अमित शाह इस्तीफा दो”, “अमित शाह सदन में आओ” और “चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़” जैसे नारे लगाए। साथ ही गृह मंत्री की सदन में गैरमौजूदगी पर भी सवाल उठाए गए।
दान पेटियों के जरिए किया सांकेतिक प्रदर्शन
संसद के मकर द्वार के सामने विपक्षी सांसदों ने दान पेटियां रखीं। साधु के वेश में बैठे पप्पू यादव ने एक सांकेतिक नाटक के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी सहित अन्य सांसदों ने दान पेटियों में पैसे डाले, जबकि पप्पू यादव ने उन पैसों को अपनी जेब में रखकर इसे राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोपों का प्रतीक बताया।
कई विपक्षी नेता हुए शामिल
इस प्रदर्शन में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद और धर्मेंद्र यादव, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ माजी समेत कई विपक्षी सांसद शामिल हुए। सभी सांसद एक बड़े बैनर के पीछे खड़े थे, जिस पर लिखा था— “अमित शाह सदन से गायब क्यों?”
इन मुद्दों पर सरकार को घेर रहा विपक्ष
इंडिया ब्लॉक ने कहा कि वह अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगता रहेगा।
राहुल गांधी और खरगे पहले भी उठा चुके हैं सवाल
इससे पहले राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई के लिए गृह मंत्री अमित शाह जवाबदेह हैं और मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी छात्रों के खिलाफ हुई कथित कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए थे।
