सपा प्रमुख बोले-एक प्रधान को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया, युवाओं ने झुकाई सत्ता, NTA के जिम्मेदार दें इस्तीफा’, लोकसभा में डिंपल यादव ने सरकार को घेरा
नई दिल्ली/लखनऊ : लोकसभा में लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक-2026 पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों और युवाओं के देशव्यापी आंदोलन ने सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया।अखिलेश ने कहा कि आंदोलन के बाद युवाओं का नारा था- “झुकती है सरकार, झुकाने वाला चाहिए”, जो इस आंदोलन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
एक प्रधान को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया…

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जब वे अगले दिन संसद पहुंचे तो भाजपा सांसदों ने उनका स्वागत किया, क्योंकि “एक प्रधान को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया गया।” उन्होंने कहा कि सरकार को लगा कि बड़ा राजनीतिक संकट टल गया, इसलिए स्वागत किया गया।एसपी चीफ ने कहा कि सरकार बताए कि 2024 में कानून बनने के बावजूद नीट पेपर लीक क्यों हुआ और 2026 में छात्रों को फिर आंदोलन क्यों करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर में करीब 20 लाख छात्र और उनके परिवार इस मुद्दे से प्रभावित हुए, इसलिए यह आंदोलन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा बल्कि पूरे देश में फैला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के कार्यकाल में 20 से अधिक भर्ती और बोर्ड परीक्षाओं के पेपर लीक हुए। उन्होंने दरोगा भर्ती, जूनियर इंजीनियर, ग्राम विकास अधिकारी, टीईटी, हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और सिपाही भर्ती समेत कई परीक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कानून होने के बावजूद सरकार पेपर लीक रोकने में असफल रही।
NTA और शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त कर रही भाजपा

पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) जैसी महत्वपूर्ण संस्था में आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती की गई। उन्होंने सवाल किया कि परीक्षा कराने वाली संस्था में बैठे वे लोग कौन थे, जो कथित गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार थे और उनकी जवाबदेही किसकी है।
राम मंदिर चढ़ावा और पेपर लीक पर साधा निशाना
अपने भाषण में अखिलेश यादव ने कहा कि “जो लोग प्रभु श्रीराम के दरबार का चढ़ावा नहीं बचा पाए, वे पेपर लीक कैसे रोक पाएंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नया कानून लाकर लोगों की आंखों में धूल झोंक रही है, जबकि पहले से कानून होने के बावजूद पेपर लीक की घटनाएं होती रहीं।
शिक्षा व्यवस्था और 69 हजार शिक्षक भर्ती का मुद्दा

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बनने के बाद शिक्षा, परीक्षा और विश्वविद्यालयों की व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया गया। उन्होंने दावा किया कि एक लाख से अधिक प्राथमिक विद्यालय बंद किए गए, जिनमें सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में हैं। उन्होंने कहा कि इससे गरीब, पिछड़े और दलित परिवारों के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई। उन्होंने 69 हजार शिक्षक भर्ती का भी मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं और पिछड़े तथा दलित अभ्यर्थियों के अधिकारों का हनन किया गया। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी अदालतों और सरकार के पास गए, लेकिन उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला।
जौहर यूनिवर्सिटी पर ‘हथौड़ा’, शिक्षा पर हमला बर्दाश्त नहीं
लोकसभा में अखिलेश यादव ने रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह एक निजी विश्वविद्यालय है, लेकिन सरकार “हथौड़ा लेकर इसे तोड़ने की तैयारी कर रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार नफरत की राजनीति कर रही है और शिक्षा संस्थानों को निशाना बनाया जा रहा है।
छात्रों पर कार्रवाई पर सरकार को घेरा
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने नीट पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि देते हुए सरकार से पीड़ित परिवारों की सहायता करने और छात्रों की मांगों को स्वीकार करने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान छात्रों पर आंसू गैस, बल प्रयोग और अन्य कठोर कार्रवाई की गई। उनके अनुसार, सरकार की नीयत साफ होगी तभी परीक्षा व्यवस्था भी पारदर्शी बन सकेगी।इस दौरान समाजवादी पार्टी के सांसदों ने संसद परिसर में भी पेपर लीक के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया। सपा का कहना है कि देश में शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बहाल करने के लिए केवल नया कानून नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता है।
लोकसभा में डिंपल यादव का केंद्र पर हमला, बोलीं- पेपर लीक की जिम्मेदारी ले सरकार, NTA के जिम्मेदार दें इस्तीफा
लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लगातार पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं, इसलिए सरकार जिम्मेदारी ले और NTA में जो भी लोग इसमें शामिल हैं, उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि सरकार देश में भय का माहौल बनाकर शासन करना चाहती है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन करने वाले छात्र पूरे देश के बच्चे थे और उनकी लड़ाई न्याय के लिए थी। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन के दौरान छात्रों के साथ कठोर व्यवहार किया गया और सरकार को उनकी आवाज सुननी चाहिए। डिंपल यादव ने कहा कि उन्हें गर्व है कि “देश के बच्चे लड़े और इस लड़ाई को जीते।”
रिपोर्ट : मुहम्मद साजिद
