रामपुर विकास प्राधिकरण के ध्वस्तीकरण आदेश को यूनिवर्सिटी ने दी चुनौती, मंडलायुक्त की अदालत में होगी अगली सुनवाई
रामपुर: मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर अब मंडलायुक्त एवं रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के अध्यक्ष की अदालत में 3 अगस्त को सुनवाई होगी। इससे पहले न्यायालय ने अगली सुनवाई तक विश्वविद्यालय के खिलाफ किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है।
रामपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने 15 जुलाई को जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में बने 38 भवनों को बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्मित मानते हुए उनके ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था।
ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ जौहर यूनिवर्सिटी और उसके ट्रस्ट की ओर से मंडलायुक्त एवं आरडीए अध्यक्ष आंजनेय कुमार सिंह की अदालत में याचिका दाखिल की गई। प्रारंभिक सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई पर रोक लगाने का आदेश दिया।
मामले की नियमित सुनवाई मंगलवार को प्रस्तावित थी, लेकिन न्यायालय में शोक (कंडोलेंस) के कारण सुनवाई एक दिन पहले ही कर ली गई। प्रारंभिक सुनवाई के बाद अदालत ने याचिका को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 3 अगस्त निर्धारित की।
यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता मोहम्मद जुनैद एजाज ने बताया कि न्यायालय ने नियमानुसार याचिका पर विचार करते हुए 3 अगस्त को अगली सुनवाई की तारीख तय की है। अब इसी दिन मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और पक्षों की दलीलों पर सुनवाई होगी।