महिलाओं की सुरक्षा,भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था पर विशेष फोकस, 642 स्वयंसेवक भी रहेंगे तैनात
बरेली : सावन माह में प्रस्तावित कांवड़ यात्रा-2026 और बरेली में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय उर्स-ए-रिजवी को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए बरेली जोन पुलिस ने व्यापक सुरक्षा तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार रात बरेली पुलिस लाइन में एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा की अध्यक्षता में जोन स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक में बरेली रेंज के डीआईजी अजय कुमार साहनी, मुरादाबाद रेंज के डीआईजी मुनिराज जी., जोन के सभी नौ जिलों के पुलिस अधीक्षक तथा अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। देर रात तक चली बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और विभिन्न आयोजनों की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
महिलाओं की सुरक्षा और शिवालयों पर विशेष निगरानी
एडीजी रमित शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु भी शामिल होंगी। ऐसे में उनकी सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं। प्रत्येक सोमवार को प्रमुख शिवालयों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। उन्होंने चोरी, जेबकतरी, छेड़छाड़ और असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
ट्रैफिक, पार्किंग और भीड़ नियंत्रण पर रहेगा विशेष ध्यान
बैठक में कांवड़ मार्गों पर यातायात को सुचारु बनाए रखने, पार्किंग की समुचित व्यवस्था करने तथा भीड़ नियंत्रण के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, पड़ोसी जिलों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
उर्स-ए-रजवी को लेकर भी विशेष तैयारी
बरेली में कांवड़ यात्रा के दौरान आयोजित होने वाले तीन दिवसीय उर्स-ए-रिजवी को देखते हुए भी पुलिस ने विशेष सुरक्षा योजना तैयार की है। कानून -व्यवस्था बनाए रखने, श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए गए।
642 स्वयंसेवक करेंगे श्रद्धालुओं की मदद
नागरिक सुरक्षा विभाग की ओर से सावन माह में श्रद्धालुओं की सहायता के लिए 642 स्वयंसेवकों (वॉलंटियर्स) की तैनाती की गई है। ये स्वयंसेवक पांचों तहसीलों के प्रमुख शिवालयों और कांवड़ मार्गों पर ड्यूटी करेंगे। उनकी पहचान के लिए विभाग की ओर से पीली जैकेट और पहचान पत्र उपलब्ध कराए गए हैं। स्वयंसेवक तीन शिफ्टों में सेवाएं देंगे। विभाग के अनुसार शहरी क्षेत्र के 555 स्वयंसेवकों को सात प्रमुख नाथ मंदिरों में लगाया गया है, जबकि ग्रामीण क्षेत्र के 87 स्वयंसेवकों में से 20 को गौरीशंकर धाम गुलड़िया तथा 67 को अन्य ग्रामीण एवं तहसील क्षेत्रों के मंदिरों में तैनात किया गया है।
शांतिपूर्ण दोनों त्योहार संपन्न कराने का
पुलिस का उद्देश्य पुलिस प्रशासन का लक्ष्य कांवड़ यात्रा और उर्स-ए-रिजवी दोनों आयोजनों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है। इसके लिए सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
