मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़े शस्त्र लाइसेंसों की जांच में बड़ा खुलासा, तत्कालीन शस्त्र लिपिक पर भी कार्रवाई
गाजीपुर: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में शस्त्र लाइसेंसों से जुड़े अभिलेखों के गायब होने के मामले में समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पुलिस ने छह दिनों के भीतर दूसरी बार उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इस मामले में तत्कालीन शस्त्र लिपिक प्रेमाशंकर वर्मा को भी आरोपी बनाया गया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, आईएस-191 गिरोह के सदस्यों, सहयोगियों और मुख्तार अंसारी के परिजनों के शस्त्र लाइसेंसों की जांच के दौरान अफजाल अंसारी के शस्त्र लाइसेंस संख्या 1241/पी-11 से संबंधित मूल पत्रावली और शस्त्रों की खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज अभिलेखागार से गायब पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि उक्त लाइसेंस पर वर्षों पहले अरुणाचल प्रदेश के अलोंग (सियांग) क्षेत्र से एक एनपीबी राइफल और एक 32 बोर रिवॉल्वर का क्रय-विक्रय दर्ज है, लेकिन संबंधित दस्तावेज उपलब्ध न होने के कारण इन शस्त्रों का भौतिक सत्यापन नहीं हो सका।
मिलीभगत का आरोप
पुलिस का आरोप है कि अभिलेख गायब कराने में अफजाल अंसारी ने संबंधित शस्त्र लिपिकों के साथ कथित मिलीभगत और षड्यंत्र किया। इसी आधार पर उनके और तत्कालीन शस्त्र लिपिक प्रेमाशंकर वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
51 लाइसेंसों पर 145 शस्त्रों की खरीद-बिक्री
पुलिस जांच में सामने आया है कि आईएस-191 गिरोह के सक्रिय सदस्यों, सहयोगियों और मुख्तार अंसारी के परिजनों व रिश्तेदारों के 51 शस्त्र लाइसेंसों पर कुल 145 शस्त्रों का क्रय-विक्रय हुआ। जांच एजेंसियां इन सभी शस्त्रों के दस्तावेज और वर्तमान स्थिति का सत्यापन कर रही हैं।
छह दिन में कई एफआईआर
पुलिस ने बताया कि 22 जुलाई से अब तक शस्त्र लाइसेंस और क्रय-विक्रय अभिलेख गायब कराने के मामलों में अफजाल अंसारी, आफ्शा अंसारी समेत 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।
22 जुलाई: अफजाल अंसारी और दो तत्कालीन शस्त्र लिपिकों के खिलाफ एफआईआर।
23 जुलाई: मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शा अंसारी समेत तीन लोगों पर रिवॉल्वर से जुड़े अभिलेख गायब कराने का मुकदमा।
अब: अफजाल अंसारी पर दूसरी एफआईआर, जिसमें अरुणाचल प्रदेश से खरीदी गई राइफल और रिवॉल्वर से जुड़े अभिलेखों के गायब होने का मामला शामिल है।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है। गायब अभिलेखों, शस्त्रों के सत्यापन और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
