बरेली: यूपी के बरेली में दो अलग-अलग पॉक्सो मामलों में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषियों को सजा सुनाई है। पहला मामला शाही थाना क्षेत्र का है। यहां नाबालिग लड़की के अपहरण और घर में घुसकर मारपीट करने के आरोपी को दोषी ठहराया गया, तो वहीं दूसरा मामला सिरौली थाना क्षेत्र का है। इसमें नाबालिग से छेड़छाड़ और घर में घुसकर गलत हरकत करने वाले आरोपी को सजा मिली। दोनों मामलों में पॉक्सो कोर्ट ने सुनवाई के बाद दोषियों को कारावास और आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई है।
घर में घुसकर नाबालिग का अपहरण
पहला मामला देहात के थाना शाही से जुड़ा है। वादी ने बताया कि उसके भांजे मनोज ने आरोपी राकेश की बहन से कोर्ट मैरिज की थी। इसी बात को लेकर राकेश मनोज से रंजिश मानता था। आरोप है कि 2 जून 2014 की शाम करीब 6 बजे राकेश अपने 5-6 साथियों के साथ वादी के घर में घुस आया। इस दौरान घर की महिलाओं के साथ मारपीट की गई और वादी की नाबालिग भांजी को जबरन गाड़ी में बैठाकर उठा ले जाया गया। इस मामले में थाना शाही में मुकदमा दर्ज किया गया था।
10 गवाहों के बयान के बाद राकेश दोषी
इस केस में अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने आरोपी राकेश निवासी प्रेमनगर कॉलोनी, थाना चन्दौसी, सम्भल को दोषी करार दिया। कोर्ट ने उसे धारा 323 में 6 माह की कठोर कैद और 500 रुपये जुर्माना, धारा 147 में 1 साल की कठोर कैद और 1000 रुपये जुर्माना, धारा 452/363 में 4 साल की कठोर कैद और 8 हजार रुपये जुर्माना, जबकि धारा 366 में 6 साल की कठोर कैद और 6 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर आरोपी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
सिरौली में नाबालिग से छेड़छाड़, घर में घुसा आरोपी
दूसरा मामला थाना सिरौली का है। वादी ने बताया कि उनके मोहल्ले का रहने वाला जीशान उनकी नाबालिग बेटी को परेशान करता था। आरोप है कि 21 अप्रैल 2020 की सुबह करीब 7 बजे जीशान घर में घुस आया और 17 वर्षीय नाबालिग को बुरी नीयत से पकड़ लिया। लड़की के शोर मचाने पर परिवार के लोग मौके पर पहुंच गए। परिवार वालों को देखकर आरोपी भागने लगा, लेकिन उसे पकड़ लिया गया और थाने ले जाया गया। इस मामले में थाना सिरौली में मुकदमा दर्ज हुआ था।
पॉक्सो कोर्ट ने जीशान को भी सुनाई सजा
इस मामले में अभियोजन पक्ष ने 6 गवाह पेश किए। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी जीशान निवासी मोहल्ला प्यास, कस्बा व थाना सिरौली को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। कोर्ट ने धारा 8 पॉक्सो एक्ट में 4 साल की कैद और 5 हजार रुपये जुर्माना, धारा 354 में 3 साल की कैद और 5 हजार रुपये जुर्माना, तथा धारा 452 में 5 साल की कैद और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को 3 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।.इन दोनों फैसलों से साफ है कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध के मामलों में अदालत सख्त रुख अपना रही है। लंबे समय से चल रहे मामलों में सजा सुनाए जाने से पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है।
