बरेली : यूपी की बहेड़ी थाना पुलिस ने बाइक और मोबाइल लूट की वारदात का खुलासा कर दो शातिर बदमाशों को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से लूटी गई बाइक, मोबाइल फोन, दो तमंचे और कारतूस बरामद किए हैं।
4 जून को युवक से लूटी थी बाइक और मोबाइल
पुलिस के अनुसार 4 जून को उलेतापुर निवासी चौरपाल ने थाना बहेड़ी में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अपनी ससुराल से बाइक से लौट रहा था। शाम करीब साढ़े सात बजे ग्राम मिन्तरपुर के पास पीछे से बाइक पर आए दो बदमाशों ने उसकी बाइक रोक ली और मोबाइल फोन तथा मोटरसाइकिल लूटकर फरार हो गए। शिकायत के आधार पर थाना बहेड़ी में मुकदमा दर्ज कर पुलिस घटना के खुलासे में जुटी थी।
चेकिंग के दौरान पुलिस से घिरे तो शुरू कर दी फायरिंग

13 जून की रात थाना बहेड़ी पुलिस देवीपुरा बाजार के पास वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, तो दोनों घबरा गए और उनकी बाइक सड़क पर गिर गई। पुलिस टीम ने जब उन्हें पकड़ने का प्रयास किया तो दोनों ने खुद को घिरा देखकर पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में करन मौर्य के पैर में गोली लग गई, जबकि दूसरा आरोपी ओमकार बाइक गिरने से घायल हो गया। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में कबूला लूटकांड, पहचान छिपाने के लिए हटाई थी नंबर प्लेट
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने 4 जून को मिन्तरपुर रोड पर एक युवक से बाइक और मोबाइल लूटा था।पुलिस से बचने के लिए उन्होंने लूटी गई बाइक की नंबर प्लेट भी हटा दी थी। आरोपी उसी बाइक से कहीं जा रहे थे, तभी पुलिस चेकिंग में फंस गए। गिरफ्तारी के दौरान दोनों ने पुलिस पर फायरिंग करने की बात भी स्वीकार की।
दो तमंचे, कारतूस, लूटी गई बाइक और मोबाइल बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों करन मौर्य और ओमकार, निवासी ग्राम पतरासी थाना बहेड़ी, के कब्जे से दो तमंचे 315 बोर, दो जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, लूटी गई स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल और ओप्पो कंपनी का मोबाइल फोन बरामद किया है। दोनों आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने मुठभेड़ और लूट के मामलों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर उनके आपराधिक इतिहास की जांच शुरू कर दी है।
